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गुमशुदा दिवस — कविता साव

आज 30 अगस्त का दिन हमारे इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।आज के दिन ही
संयुक्त राष्ट्र संघ एक घोषणा की थी ___”गुमशुदा दिवस।”
आइए हम इसपर कुछ चर्चा करते हैं _ मानव सभ्यता के इतिहास में स्वतंत्रता और सम्मान को सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, किन्तु आज भी देश या यों कहें कि विश्व के अनेक हिस्सों में ऐसे लोग हैं जो अचानक गायब कर दिए जाते हैं। वजह,कभी राजनीतिक तो कभी युद्ध की स्थिति में और कभी आतंकवाद या कुछ दमनकारी रवैया ही बन जाते हैं।
ऐसे ही पीड़ितों की याद में 30 अगस्त को “अंतर्राष्ट्रीय जबरन गुमशुदगी पीड़ित दिवस मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिवस की घोषणा इसलिए किया
जिससे पूरी दुनियां उन निर्दोष लोगों की पीड़ा को समझ सकें,जिन्हें जबरन हिरासत,अपहरण या हत्या का शिकार होना पड़ता है।यह न केवल व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है,बल्कि पूरे समाज के लोकतांत्रिक ढांचे पर गहरी चोट है।
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है__
प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और सुरक्षा का अधिकार देना।किसी सत्ता या संगठन को यह अधिकार नहीं कि वह किसी व्यक्ति को अवैध रूप से कैद करे या जुल्म करे। मानवता तभी सुरक्षित रह सकती है जब हर व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता की रक्षा की जाए।
आज आवश्यकता है कि हम मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद करें और उन लोगों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें,जो आज भी गुमशुदगी की पीड़ा को झेल रहे हैं।

कविता साव
पश्चिम बंगाल

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