राजस्थान में सवा लाख बालिकाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण – 5100 कन्याओं हेतु आवासीय शिविर का होगा आयोजन

जयपुर। गायत्री परिवार की संस्थापक भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी एवं शान्ति कुंज हरिद्वार में प्रजवल्लित अखंड दीपक के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार की प्रेरणा से राजस्थान प्रांत में “कन्या कौशल शिविर” अभियान प्रारंभ किया गया है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने पिछले दिनों यह थीम राजस्थान प्रांत को प्रदान की थी।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में 1,25,000 बालिकाओं को कन्या कौशल शिविरों के माध्यम से प्रशिक्षित करने तथा उतनी ही संख्या में गायत्री महामंत्र लेखन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, चारित्रिक दृढ़ता, नैतिक मूल्यों एवं जीवन प्रबंधन कौशल का विकास करना है।
इसी क्रम में जयपुर के मानसरोवर स्थित वेदना निवारण केंद्र पर कार्यकर्ता गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता गायत्री परिवार राजस्थान के प्रभारी ओमप्रकाश अग्रवाल ने की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर इस जिम्मेदारी को उत्साहपूर्वक स्वीकार किया।
प्रांतीय ट्रस्टी डॉ. प्रशांत भारद्वाज ने बताया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शांतिकुंज हरिद्वार की टोली जाकर बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगी। जयपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र की 426 स्कूलों और 15 महाविद्यालयों में लगभग 80,000 बालिकाओं तक यह संदेश पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद 5100 बालिकाओं हेतु ढाई दिवसीय आवासीय शिविर वेदना निवारण केंद्र, मानसरोवर में आयोजित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश से पधारी पूर्णिमा जी एवं उनकी टीम इस अभियान का संचालन कर रही हैं। अब तक 22,000 मंत्रलेखन पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं जबकि कुल लक्ष्य 1,25,000 पुस्तकों का है। बैठक में भी 2,500 पुस्तकें छात्राओं को सौंपी गईं।
गोष्ठी में गायत्री परिवार जयपुर उप-ज़ोन समन्वयक सुशील कुमार शर्मा, ट्रस्टी डॉ. प्रशांत भारद्वाज, ब्रह्मपुरी शक्तिपीठ व्यवस्थापक सोहनलाल शर्मा, सह-व्यवस्थापक मणि शंकर पाटीदार, कालवाड़ शक्तिपीठ ट्रस्टी प्रहलाद शर्मा, ग्रामीण प्रभारी संतोष शर्मा, गायत्री कचोलिया सहित अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संचालन केदार शर्मा ने किया।
अंत में सभी वक्ताओं ने पिछले दिनों हुए साधना संकल्प कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया और शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




