आदर्श शिक्षक — नरसा राम जांगु

श्री शर्मा जी एक आदर्श शिक्षक थे। वह अपने छात्रों को न केवल पढ़ाई में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते थे, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों और नैतिकता की भी शिक्षा देते थे।एक दिन, उनके एक छात्र रोहन ने उनसे पूछा, “सर, आप इतने प्यार और मेहनत से हमें पढ़ाते हैं, इसके पीछे क्या कारण है?”श्री शर्मा जी ने मुस्कराते हुए कहा, “बेटा, मैं जानता हूँ कि तुम सभी में बहुत क्षमता है। मैं चाहता हूँ कि तुम न केवल अपने जीवन में सफल हो, बल्कि समाज के लिए भी कुछ अच्छा करो।”रोहन ने आगे पूछा, “लेकिन सर, आप हमें इतना प्यार क्यों करते हैं?”श्री शर्मा जी ने कहा, “बेटा, प्यार और सम्मान की कोई सीमा नहीं होती। मैं तुम्हें अपने बच्चों की तरह मानता हूँ और चाहता हूँ कि तुम सभी अपने जीवन में खुश और सफल रहो।”श्री शर्मा जी की बातें सुनकर रोहन के मन में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। वह समझ गया कि एक आदर्श शिक्षक न केवल ज्ञान देता है, बल्कि जीवन के मूल्यों और नैतिकता की भी शिक्षा देता है।
नरसा राम जांगु
डीडवाना राजस्थान
भारत



