स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद 40 बच्चे बीमार, दाल में मिली छिपकली।
मंत्री और अधिकारियों के आदेश की पालना होती तो ऐसा नहीं होता

डॉ.चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार। नज़र इंडिया 24
जयपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले दिन का पोषाहार अर्थात मिड डे मील खाना दिया जाता है। आज प्रदेश के सलूंबर जिले में एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील भोजन करने के बाद 40 से अधिक विद्यार्थियों की हालत बिगड़ गई जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से स्कूल और गांव में हड़कंप मच गया प्रदेश में चार दिन में यह दूसरी घटना है ।
प्रदेश के सलूंबर जिले के लसाडिया के डाईखेड़ा गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आज जब मध्यान भोजन के रूप में मिड डे मील भोजन दिया गया।भोजन खाने के चंद मिनट के बाद ही विद्यार्थियों को उल्टी दस्त होने लगी और बेहोश हो गए। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया तत्काल विद्यार्थियों को निकट के राजकीय अस्पताल ले जाया गया । घटना की सूचना मिलते ही सलूंबर जिला कलेक्टर अवधेश मीणा एसडीएम राजलक्ष्मी गहलोत और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीण और विद्यार्थियों के अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। एसडीएम राजलक्ष्मी गहलोत ने स्कूल पहुंचकर वहां उपस्थित अन्य विद्यार्थियों से बातचीत की अभिभावकों से भी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान विद्यालय की छात्रा ने बताया कि जब विद्यार्थी खाना खाने के बाद बेहोश हो गए तब दाल में देखा तो छिपकली पड़ी हुई थी। विद्यार्थी से बातचीत करने के बाद कलेक्टर अवधेश मीना एसडीएम राजलक्ष्मी गहलोत और लसाडिया ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पवन रावल अस्पताल पहुंचे और अस्पताल में उपचाररत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।जिला कलेक्टर के आदेश पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पवन रावल ने जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि विद्यार्थियों के अलावा खाना परोसने वाले ने भी दाल में छिपकली देखी थी। उधर अस्पताल में उपचाररत विद्यार्थियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। विदित है कि पोषाहार अर्थात मिड डे मील खाने के बाद विद्यार्थियों के हालात बिगड़ने की यह दूसरी घटना है इससे पूर्व शनिवार 13 सितंबर को भी दौसा जिले के चूड़ियावास गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी 49 विद्यार्थियों की मिड डे मील का भोजन करने के बाद हालत बिगड़ गई थी।
मंत्री और अधिकारियों के आदेश की पालना होती तो ऐसा नहीं होता
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने एक आदेश जारी कर रखा था जिसके तहत प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारी और संस्था प्रधान ऑन को निर्देश दिए गए थे कि दोपहर का भोजन अर्थात मिड डे मील बनने के बाद विद्यार्थियों को परोसने से पहले रोजाना अलग-अलग दिन विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर और विद्यालय स्टाफ द्वारा टेस्ट करके फिर विद्यार्थियों को भोजन परोसा जाए लेकिन इस आदेश और निर्देश की प्रदेश की किसी भी सरकारी स्कूल में एक भी दिन पालन नहीं हो रही है और इसी का ही यह नतीजा है कि लगातार चार दिन में इस तरह की दो घटनाएं हो गई यह तो गनीमत रही कि किसी बच्चे की जान नहीं गई। बताया जाता है कि इनमें से तीन विद्यार्थी की हालत गंभीर बताई जा रही है।




