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सजन करे भजन — बबिता शर्मा

 

करवा चौथ हो गई सजन की पूजा ,
जैसे केवल वही भगवान और नहीं कोई दूजा ।
असल रूप हुआ प्रत्यक्ष करवा चौथ बीत कर,
कल तक था देवता आज पिटा कनस्तर ।
शुरू हुआ पत्नी का रोब बन चंडी बरसी खूब ,
सजन मेरे जल्दी उठ जाओ करो सफाई अब तुम खूब।
सब पंखों पर धूल जमी, दीवारों के रंग भी धूमिल,
टाइल्स ने खोई अपनी रंगत प्रिय फर्श भी है कितना धूमिल।
खुश हो जाओ तुमको मिली नौकरी ,
चीजें एक एक सब चमकाओ मिली धूल तो गई नौकरी।
दूंगी तुमको एक न दमड़ी रोटी चाय नहीं मिलेगी ,
सर मेरा दबाना होगा वरना बेलन शस्त्र भारी पड़ेगी ।
सहमा सजन अब करे भजन ,
करे काम रखे पत्नी को प्रसन्न।
हाय बेचारा पीटा कनस्तर ,
सर बैठी पत्नी बनी सिकंदर।

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