जानेमाने कवि नरेश चन्द्र उनियाल का जयपुर में भव्य स्वागत, काव्य रत्न से किया सम्मानित

जयपुर। भोलानाथ साहित्य एवं समाज सेवी संस्था की अध्यक्ष ललिता भोला द्वारा उनके पिता स्व. भोलानाथ की स्मृति में एकलव्य इंटरनेशनल स्कूल, सीकर रोड पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जिसमे उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल के अध्यापक कवि नरेश चन्द्र उनियाल को “काव्य रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान भोला साहित्य एवं समाज सेवी संस्था जयपुर, की संस्थापिका ललिता भोला सिंह एवं कवियत्री सरोज पालीवाल के हाथों सम्मानित किया गया।
इससे पहले सभी कवियों का तिलक व पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत डॉ. राधेश्याम मिश्रा, कानपुर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध पत्रकार जे.पी. शर्मा, डॉ. श्याम सिंह राजपुरोहित, राजेन्द्र यादव ‘आजाद’, गीतकार गोविन्द भारद्वाज, अनुराग प्रेमी, डॉ. रानी तंवर, जे.पी. शर्मा, रामेश्वर प्रसाद, कुमार धर्मी, राधेश्याम शर्मा मेहता ग्रुप औफ चेयरपर्सन, नरेश चन्द्र उनियाल, संस्था की सचिव सत्यरूपा तिवारी एवं सलाहकार सरोज चंद्रा पालीवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। सरस्वती वंदना शिमला शर्मा शुभ्रा ने प्रस्तुत की तथा स्वागत गीत ममता मंजुल ने देकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर लोक माधुरी संपादक चंद्रवीर सोलंकी, संपादिका उर्मिला पाण्डेय, बेबाकियां रचनाकार अनिता सिंघल एवं कवित्त रस रचनाकार ललिता भोला की पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया, जिन्हें साहित्य जगत के लिए श्रेष्ठ योगदान माना गया। कवियों ने विविध रसों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्तराखण्ड से पधारे कवि नरेश चन्द्र उनियाल ने सुंदर पंक्तियाँ सुनाईं. है थोड़ी सांवली लेकिन, बहुत ही खूबसूरत है।” देहरादून से आयी कवयित्री संतोष मिश्रा ‘सोनी’ की ग़ज़ल ने श्रोताओं के मन को रसातीत कर दिया।
कार्यक्रम में भारत के कोने कोने से पधारे कवि एवं साहित्यकार- जे. पी. शर्मा (जयपुर) संजू सूर्यं मैनपुरी, महेंद्र भट्ट (ग्वालियर), संतोष मिश्रा ‘सोनी, नरेश चन्द्र उनियाल (उत्तराखंड), कुमार विशु (गोरखपुर), राजेन्द्र यादव आजाद, गोविन्द भारद्वाज, कुमार महेंद्र, रामसेवक गुप्ता (मैनपुरी), मनीषा बहरोड़, जेडी राना, रामेश्वर प्रसाद (दौसा), कुमार धर्मी, लुकमान गौरी, मकसूद खान, आशा बुनकर, निरूपमा चतुर्वेदी, सुनीता त्रिपाठी अजय, शिवदर्शन द्विवेदी, अनुराग प्रेमी, राजेश्वरी जोशी, ममता मंजुल, शिमला शर्मा, दयाशंकर शर्मा, प्रियांशी अग्रवाल, निधि चौहान, भारत योगी, पूर्णिमा मंडल, रमा भाटी, कमलेश शर्मा, अनीता सिंघल, डॉ. श्याम सिंह, डॉ. रानी तंवर, करण केसरा, सत्यरूपा तिवारी, बाल कवि आरव कौशिक आदि ने अपनी–अपनी प्रभावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। सभी आगंतुक साहित्यकारों का माला, शॉल, मोमेंटो एवं “काव्य रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजिका ललिता भोला का भी सम्मान किया गया। समारोह अंत में ललिता भोला ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।



