Uncategorized

केंद्रीय महिला मंडल की अपील – उतना ही ले थाली में, व्यर्थ ना जाए नाली में

अरुण शर्मा। नजर इंडिया 24, जिला ब्यूरो चीफ

फतेहाबाद। भोजन की बढ़ती बर्बादी को लेकर केंद्रीय महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती डॉ. मधुरिमा दिनेश गुप्ता तथा अन्न बचाओ संयोजिका रेनू संजय अनवारिया ने समाज से जागरूकता की अपील की है। उन्होंने कहा कि आजकल लोग दिखावे में अत्यधिक व्यंजन बनवा लेते हैं, परंतु परोसा गया भोजन पूरा खाया नहीं जाता और अंततः वह नाली या कचरे में चला जाता है।
उन्होंने सुझाव दिया किH परिवार में उतना ही भोजन बनाया और परोसा जाए, जितनी आवश्यकता हो। यदि भोजन बच जाए तो उसे फेंकने के बजाय नए व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं, जैसे दाल से पराठे या चावल से फ्राइड राइस। भोजन को एयरटाइट डिब्बों में उचित तापमान पर सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई, ताकि वह जल्दी खराब न हो।
महिला मंडल ने विशेष रूप से माताओं और बहनों से आग्रह किया कि वे बच्चों को बचपन से ही अन्न के महत्व के बारे में शिक्षित करें। बच्चों को सिखाया जाए कि प्लेट में उतना ही भोजन लें, जितनी उन्हें भूख हो आवश्यकता पड़ने पर वे दोबारा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में विवाह, शादियों, पर्व-त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भोजन की बर्बादी चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। विश्व की जनसंख्या आठ अरब से अधिक हो चुकी है और कई देशों में भोजन की कमी गंभीर समस्या है। ऐसे में एक तिहाई भोजन का कचरे में जाना अत्यंत दुखद है, जबकि अनेक गरीब और जरूरतमंद लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। केंद्रीय महिला मंडल ने सुरक्षित और स्वच्छ बचे हुए भोजन को फूड बैंकों तक पहुँचाने की अपील की। साथ ही खाने के अनुपयोगी अवशेषों से खाद बनाने का भी सुझाव दिया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अन्न को मां अन्नपूर्णा का वरदान माना गया है। भोजन की बर्बादी को पाप की श्रेणी में रखा गया है और इसे मां अन्नपूर्णा का अपमान बताया गया है। अंत में उन्होंने समाज से आह्वान किया हम सब मिलकर क्यों न ऐसी नई सोच लाएँ, बचा हुआ अच्छा खाना जरूरतमंद तक पहुँचाएँ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!