कलमप्रिया साहित्य संस्थान का राधा सरल बिहारी मंदिर में भक्ति एवं उल्लास से सराबोर भव्य फागोत्सव सम्पन्न।

सुनीता त्रिपाठी अजय। नजर इंडिया 24 ब्यूरो चीफ
जयपुर। दिनांक 28 फरवरी 2026 को कलमप्रिया लेखिका साहित्य संस्थान एवं जयपुर विधापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में राधा सरल बिहारी मंदिर में फागोत्सव का अत्यंत हर्षोल्लासपूर्ण एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। मंदिर की आकर्षक सज्जा, सुसज्जित प्रांगण और भक्तिमय वातावरण ने सभी उपस्थित सदस्याओं का मन मोह लिया। भक्ति, प्रेम और फागुन की उमंग से संपूर्ण वातावरण रंगमय हो उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शशि सक्सेना एवं श्रीमती नीलम शर्मा ने गरिमापूर्ण ढंग से की। सर्वप्रथम अतिथियों एवं सदस्याओं के लिए स्नेहपूर्ण जलपान की व्यवस्था की गई। मंदिर में प्रवेश के समय सभी का तिलक लगाकर एवं ढोल की थाप के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। अध्यक्ष मंडल द्वारा कुछ सदस्याओं को श्वेत-लाल रंगों की आकर्षक साड़ियाँ भेंट की गईं, जिससे आयोजन की शोभा और बढ़ गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती अनुराधा माथुर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया। तत्पश्चात कमलेश चौधरी ने “हमारे घर आना होली में” कविता की मधुर प्रस्तुति दी। विभिन्न भक्तिमय भजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मनमोहक नृत्यों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित सदस्याएं राधा-भाव में रंगी हुई प्रतीत हो रही थीं।
इस अवसर पर संस्थान की सदस्याओं के साथ उमंग संस्था एवं विद्यालय की शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहीं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने वॉलंटियर के रूप में सहयोग प्रदान कर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय के संस्था प्रधान एवं प्राचार्य का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। साथ ही श्रीमती शशि पाठक द्वारा भेंटस्वरूप प्रदान किया गया प्रोजेक्टर विद्यालय को औपचारिक रूप से सुपुर्द किया गया।
फूलों की होली ने उत्सव को चरम उल्लास तक पहुँचा दिया। हिमाक्षी कर्नाटक, मनीषा दुबे, रितिका मदान सहित सभी सदस्याओं ने नृत्य कर फागुन के रंगों को सजीव कर दिया। कार्यक्रम के उपरांत विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा स्नेहपूर्वक स्वादिष्ट भोजन परोसा गया।
विदाई के समय श्रीमती नीलम शर्मा ने सभी अतिथियों को रंग लगाकर, प्रसाद वितरित कर एवं पान खिलाकर आत्मीयता से विदा किया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य सदस्याओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन भक्ति, सांस्कृतिक सौहार्द और सामूहिक आत्मीयता का अनुपम संगम सिद्ध हुआ।
सुनिता त्रिपाठी’अजय




