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शब्द कुटीर मंच के काव्योत्सव में भावुक हुईं संस्थापिका साधना शर्मा सरगम

 

नई दिल्ली। शक्ति नगर स्थित शब्द कुटीर मंच द्वारा आयोजित काव्योत्सव भव्यता और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रेम, समाज और जीवन के विविध रंगों से सजी काव्य प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता तथा क्रांति कवि सौरभ जैन सुमन उपस्थित रहे। इस अवसर पर सौरभ जैन सुमन का जन्मदिन भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान शब्द कुटीर मंच की संस्थापिका एवं कवयित्री साधना शर्मा सरगम अपनी मार्मिक कविता
“छोड़कर के मुझे मां चली अब कहां,
बिन तुम्हारे कोई अब सहारा नहीं,
आंख नम होती है रात भर जागकर,
तेरे आंचल का अब वो किनारा नहीं…”
पढ़ते हुए भावुक हो गईं।

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उनकी संवेदनशील प्रस्तुति सुनकर सभागार में उपस्थित अनेक श्रोताओं की आंखें भी नम हो गईं।
काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश भट्ट कमल, डॉ. वनिता शर्मा, सुधीर यादव सुमन, नीलम गुप्ता नीलमणि सहित अन्य कवियों ने भी प्रभावशाली काव्य पाठ कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम का संचालन अलका बलूनी पंत और पूनम मल्होत्रा ने किया। समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय चौधरी ने सभी आमंत्रित कवियों का राधा-कृष्ण की प्रतिमा और शॉल भेंट कर सम्मान किया। अंत में मंच की संस्थापिका साधना शर्मा सरगम ने सभी अतिथियों, कवियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद दिया।

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