आलेख: स्वास्थ्य एक आदत है संयोग नहीं — पालजीभाई वी राठोड ‘प्रेम’ (सुरेंद्रनगर- गुजरात)

स्वास्थ्य मानव जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति है। यह केवल रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि शारीरिक मानसिक और सामाजिक संतुलन की पूर्ण अवस्था है।अक्सर लोग मान लेते हैं कि अच्छा स्वास्थ्य भाग्य या संयोग की देन है लेकिन वास्तव में यह हमारी दैनिक आदतों और जीवनशैली का परिणाम होता है। इसलिए यह कहना बिल्कुल उचित है कि स्वास्थ्य एक आदत है, संयोग नहीं। हमारा शरीर हमारे द्वारा किए गए हर छोटे बड़े कार्य का प्रतिबिंब होता है। यदि हम नियमित रूप से संतुलित आहार लेते समय पर सोते व्यायाम करते और मानसिक शांति बनाए रखते हैं तो हमारा स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। इसके विपरीत अनियमित दिनचर्या बाजार के फूड का सेवन तनाव और आलस्य हमें बीमारियों की ओर धकेलते हैं। स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारी आदतों से है। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य की ओर अनदेखी कर देते हैं। देर रात तक जागना मोबाइल और स्क्रीन पर अधिक समय बिताना शारीरिक गतिविधियों की कमी ये सब हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। धीरे-धीरे ये आदतें हमारे शरीर को कमजोर कर देती हैं। हम विभिन्न रोगों के शिकार हो जाते हैं। यदि हम समय रहते अपनी आदतों में सुधार कर लें तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। व्यायाम पौष्टिक भोजन पर्याप्त नींद और सकारात्म सोच ये सभी अच्छे स्वास्थ्य की नींव हैं। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। ध्यान योग और आत्मचिंतन जैसी आदतें मन को शांत और संतुलित बनाए रखती है।संपूर्ण जगत की महानता और सुंदरता स्वास्थ्य पर टिकी है। स्वस्थ्य मानव ही धर्म कर्म का पालन लंबे समय तक कर सकता है।लंबी आयु जी सकता है।
आज हम छोटी मोटी आदतों के द्वारा शरीर को स्वस्थ्य रख सकते हैं। शारीरिक श्रम करना अच्छी बात है सुबह सबेरे और शाम में सैर करने की आदत डालें।जितना हो उतना ज्यादा चलें और काम करें। सुबह की ठंडी हवा शरीर को चलाती है और शरीर उससे चुस्त रहता है। खानपान में सावधानी रखनी चाहिए।भूख लगने पर खायें।सादा भोजन करें।याद रखें सही शरीर को आत्मा लंबे समय तक धारण करती है।सो निरोग रहें स्वस्थ्य रहें। इसी प्रकार योगा, प्राणायाम ऐसे सहज उपाय हैं जिसके द्वारा सहजता से मानव स्वस्थ्य रहता है और दवाई से बचा रहता है।दवाई बिमारी को दवा देती है फिर साइड इफेक्ट्स से नयी बिमारियों का जन्म होता है।सो स्वस्थ्य रहें अपनी आदत खान पान को सुधारें।याद रखें स्वास्थ्य एक आदत है संयोग नहीं।
पालजीभाई वी राठोड ‘प्रेम’
(सुरेंद्रनगर- गुजरात)




