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हनुमान जन्मोत्सव हनुमत पूर्णिमा पर्व पर सजा कल्प भेंटवार्ता मंच।

हमें अपनी कलम से ऐसी जड़ों (विचारों) का निर्माण करना होगा जो हमें हमारी संस्कृति से जोड़कर रखें। - पण्डित जीतेंद्र शास्त्री

 

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि श्रीमती कीर्ति त्यागी के संयोजन में कल्प भेंटवार्ता कार्यक्रम में कैथल हरियाणा से जुड़े प्रबुद्ध साहित्यकार पण्डित जीतेंद्र शास्त्री जी को कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित किया गया।

डॉ श्रीमती मंजू शकुन खरे के कुशल मंच संचालन के प्रेरक संवाद कार्यक्रम में प्रश्नों के उत्तर देते हुए जीतेन्द्र जी ने कहा कि हमें अपनी कलम से ऐसी जड़ों (विचारों) का निर्माण करना होगा जो हमें हमारी संस्कृति से जोड़ कर रखें। क्योंकि संस्कृति की जड़ों से विहीन होने के बाद मानवता उस पेड़ की तरह सूख जाएगी , जिस पेड़ की जड़ काट दी गई हो।

कल्पकथा के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि साहित्यकार को सम्मानित करते हुए समाजसेवी, साहित्यकार, संरक्षक मासिक पत्रिका आदित्य संस्कृति, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक सांध्य दैनिक अमृत दर्शन श्री जगत नारायण शर्मा जी ने कहा कि जीतेन्द्र जी जैसे विचारवान साहित्य मनीषियों की ओर देश का समाज आशान्वित होकर देख रहा है।

चार चरणों क्रमशः व्यक्तिगत परिचय, साहित्यिक यात्रा, दर्शकों के प्रश्न, और चटपटे प्रश्न अटपटे उत्तर, के विशिष्ठ आयोजन के अंत में वन्दे मातरम् राष्ट्रगीत का गायन किया गया। तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों का आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।

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