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आरोग्य कुंज सेवा समिति ने किया शिविर आयोजित, गोबर से जैविक उर्वरक बनाने की दी जानकारी

 

आलोक अवस्थी। नजर इंडिया 24 ब्यूरो चीफ

जयपुर। आरोग्य कुंज सेवा समिति एवम ड्रीम फॉउंडेशन , जयपुर द्वारा चक बासडी गांव में स्वदेशी उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में संस्था के सचिव दीपेश शर्मा ने किसानों को गोबर से उपजाऊ जैविक उर्वरक तैयार करने की सरल तकनीक की जानकारी प्रदान की।

शिविर के दौरान दीपेश शर्मा ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनसे न केवल भूमि की उर्वरक क्षमता घटती है, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह धरती हमारी मां के समान है, यदि हम इसका पोषण रासायनिक पदार्थों से करेंगे तो इसकी उपजाऊ क्षमता दिन ब दिन कम होती जाएगी।उन्होंने किसानों को गोबर आधारित दीमक व लट विरोधी जैविक उर्वरक, सूक्ष्म कृमि (जड़ गांठ रोग) रोकथामक उर्वरक तथा साधारण जैविक उर्वरक तैयार करने की विधि विस्तारपूर्वक बताई। साथ ही, उन्होंने सूक्ष्म जीवाणुओं के माध्यम से गुणात्मक रूप से अधिक प्रभावशाली उर्वरक तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई।

कार्यक्रम में श्रवण लाल जाट, फूलचंद जाट, रामनारायण जाट, सुरेंद्र सिंह जाट, लालचंद जाट सहित कई किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आरोग्य कुंज सेवा समिति के इस जनहितकारी प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस पहल का उद्देश्य किसानों में स्वदेशी जैविक खेती की जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान से बचकर अपनी भूमि की उर्वरता बनाए रख सकें।

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