मंत्री ओटाराम देवासी सक्रिय—मुख्यमंत्री को अवगत कराया, निर्णय पर पुनर्विचार की मांग तेज

जयपुर। राजस्थान के सभी पंजीकृत पलंबरों और उनके परिवारों के साथ गंभीर अन्याय किए जाने का आरोप सरकार और विभागीय अधिकारियों पर लग रहा है। पलंबर समुदाय का कहना है कि सरकार के हालिया निर्णयों ने न केवल उनके रोजगार पर चोट की है, बल्कि उनके परिवारों और उनके साथ काम करने वाले अन्य मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर भी सीधी लात मारी है। इससे हजारों परिवार आर्थिक संकट में फँस गए हैं। पीड़ित पलंबरों ने बताया कि विभाग के कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत से ऐसा निर्णय लिया गया है, जिससे पलंबर समुदाय को बड़ा नुकसान हुआ है। इसे पलंबरों ने भयंकर कुठाराघात बताते हुए इसका विरोध तेज कर दिया है। इधर, राजस्थान सरकार के लोकप्रिय मंत्री एवं धर्म-आस्था में विश्वास रखने वाले जनहितैषी नेता ओटाराम देवासी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न तो पार्टी के हित में है और न ही जनता के। ऐसे में इस पर तुरंत पुनर्विचार आवश्यक है। पलंबर समुदाय ने एकजुट होकर कहा कि वे भगवान पर अपनी आस्था बनाए रखें, न्याय की लड़ाई जारी रहेगी और विजय अंततः उनकी ही होगी।




