बृज विला में भक्तमाल कथा का शुभारम्भ, भक्तिमय वातावरण में गूंजे भजन

जयपुर। आचार्य महाप्रभु स्वामी श्री श्यामचरणदास जी महाराज की 323वीं जयंती महोत्सव की पावन वेला पर मंगलवार को सरदार पटेल मार्ग, सी-स्कीम स्थित बृज विला में श्री भक्तमाल कथा का शुभारम्भ मंगलमय वातावरण में हुआ। कथा का आयोजन शुक सम्प्रदायाचार्य पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण जी महाराज के संरक्षण एवं सान्निध्य में हुआ। व्यासपीठ से श्रीधाम वृन्दावन से पधारे भक्तमाली संत इन्द्रेश महाराज ने कथा प्रवचन करते हुए भक्तमाल श्रवण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत-महापुरुषों और भक्तों के चरित्र का श्रवण भक्ति-पथ की सर्वोत्तम साधना है। इससे श्रद्धा, प्रेम, निष्ठा और आस्था का भाव दृढ़ होता है। कठिनाइयों के समय भक्तों के आदर्श चरित्र जीवन में शक्ति और धैर्य का संचार करते हैं।
कथा के दौरान भक्ति संगीत और भजनों की मधुर स्वर-लहरियों से वातावरण भावविभोर हो उठा। श्रोता भक्तगण संतों की जीवनगाथा में लीन होकर भक्ति रस में डूबते चले गए। कार्यक्रम का शुभारम्भ अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, कथा आयोजक रामगोपाल सर्राफ एवं अन्य भक्तजनों द्वारा व्यासपीठ की आरती उतारकर किया गया।
आयोजक प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि यह भक्तमाल कथा आगामी 25 अगस्त तक प्रतिदिन अपराह्न 4 बजे से सायं 7:30 बजे तक बृज विला में आयोजित होगी।




