ॐ एक पवित्र ध्वनि है — पल्लवी राजू चौहान

मानव जीवन में ॐ का महत्त्व आध्यात्मिक जीवन के भाव को प्रकट करता है। ॐ वह शक्ति है, हमारे जीवन के लिए, आत्मिक और शारीरिक सुख और शांति के लिए बहुत महत्त्व रखता है।
हम ॐ की पूजा इसलिए करते हैं क्योंकि इसे ब्रह्मांड और सभी जीवों का प्रतीक है। यह एक पवित्र ध्वनि है जो हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्मों में महत्वपूर्ण है। ॐ का जाप करने से शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है, एकाग्रता बढ़ती है, और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ॐ ब्रह्मांड का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि ॐ ब्रह्मांड की पहली ध्वनि है और इसे सभी देवी-देवताओं का प्रतीक भी माना जाता है। शांति और सकारात्मकता ॐ के जाप करने से प्राप्त होता है।
इसके अतिरिक्त ॐ का जाप करने से मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे शारीरिक और मानसिक लाभ की प्राप्ति होती है। ॐ के जाप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, इस ध्वनि के जाप से तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। ॐ मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैआध्यात्मिक महत्व:
ॐ को आध्यात्मिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, और इसे ध्यान और योग में भी इस्तेमाल किया जाता है।
हम यह भी कह सकते हैं ॐ को संसार में वेदों
संसार का सार माना गया है। इसे मंत्रों के शुरुआत में उच्चारित किया जाता है, ताकि मंत्रों का प्रभाव बढ़ सके।
इसलिए, ॐ की पूजा न केवल धार्मिक अनुष्ठान के लिए किया जाता है, बल्कि यह एक शक्तिशाली साधना भी है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से लाभ प्रदान करता है।
अतः सकारात्मक जीवन शैली के लिए ॐ का महत्त्व आध्यात्मिक रूप में आंकना उचित होगा।
लेखिका: पल्लवी राजू चौहान
कांदिवली, मुंबई




