चलो करें स्वागत दीपावली की– महेन्द्र कुमार सिन्हा जय

नवरात्रि दशहरा शरद पूर्णिमा करवा चौथ का महान पर्व हम मना लिए है। अब चलो करें स्वागत दीपावली की ।
हिन्दुओं के सबसे बड़े महान महापर्व दीपों का प्रकाश फैलाता पर्व है दीपावली। पाँच दिवस तक चलने वाली बहुत ही उल्लास का पर्व है दीपावली। कार्तिक मास आमावस हम दीपावली पर्व के रूप में मनाते है।
धनतेरस को हम भगवान धंवतरी जी की पूजा अर्चना करते है।
रूपचतुरदशी को हम यम देवता की पूजा अर्चना करते है दीपदान करते है।
आमावस की रात्रि को हम माता लक्ष्मी जी ,गणेश जी सरस्वती माता और धन के देवता कुबेर भगवान की पूजा अर्चना करते है। धन सुख वैभव शाँति की माता लक्ष्मी जी से कामना करते हैं।
कथा यह भी है कि भगवान श्री राम चंद्र रावण को मार कर इसी दिन अयोध्या वापस आये है ,श्री राम सीता लक्ष्मण जी के स्वागत में पूरे अयोध्या के प्रजा जनों ने दीप चला कर दीपोत्सव मनाये इसी की याद में भी दीपोत्सव पर्व हम मनाते है।
दीपोत्सव के बाद अन्नकूट गोवर्धन महाराज की पूजा अर्चना करते है। गाय माता को खिचड़ी खिलाते है। दीपावली पर्व बहुत ही सद्भाव प्रेम के प्रतीक का पर्व है।
अतः हम सब दीपावली का स्वागत अभिनन्दन में जुड़ जाये, जुट जायें।
दीपावली पर्व बहुत ही धूम धाम से सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाये।दीप जलाये, पर किसी के दिल न जलाये।दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं एवम् बधाई जय हिंद जय भारत जय हिन्दुस्तान वन्दे मातरम् भारत माता की जय हो हो हो
महेन्द्र कुमार सिन्हा जय महासमुंद छत्तीसगढ़




