गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती पर गांधी स्मारक निधि पट्टीकल्याणा में प्रभात फेरी व प्रार्थना सभा का आयोजन

समालखा से लोकेश झा की रिपोर्ट
गांधी स्मारक निधि, पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश, आश्रम पट्टीकल्याणा (जिला पानीपत) द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 156वीं तथा भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की 121वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रातः 6 बजे गांव भोडवाल माजरी में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया।प्रभात फेरी में आश्रम के कार्यकर्ता, साधक-साधिकाएं, गांधी स्मारक निधि पब्लिक स्कूल, आश्रम पट्टीकल्याणा के विद्यार्थी एवं स्टाफ के साथ-साथ गांव भोडवाल माजरी के लोग भी शामिल हुए। प्रभात फेरी गांव की गलियों से होती हुई मंदिर परिसर तक पहुंची, जहाँ प्रसाद वितरण के बाद सभी गांधी स्मारक निधि, आश्रम पट्टीकल्याणा लौटे। वहाँ प्रभात फेरी का समापन प्रार्थना सभा के रूप में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुई। संस्था की न्यासी श्रीमती हेमलता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दिन दो महान विभूतियों—महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री—का जन्म हुआ था, जिनसे हमें सादगी, ईमानदारी, सत्य और सेवा की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के नाम पर लगभग 150 देशों में डाक टिकट जारी किए गए हैं, जो उनके वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने सभी से खादी और ग्रामोद्योग की वस्तुओं को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।संस्था सचिव आनंद कुमार शरण ने शास्त्री जी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शास्त्री जी ने सच्चाई और ईमानदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने बताया कि कैसे स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में शास्त्री जी ने अपनी पेंशन का हिस्सा घटवाया और बेटी के निधन के बाद भी पेरोल समाप्त होने से पूर्व स्वेच्छा से जेल लौट गए।सभा में गांधी जी के जीवन के भी कई प्रेरक प्रसंग सुनाए गए, जिनसे सभी ने नैतिकता और निष्ठा की सीख ली। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।इस अवसर पर अजय कुमार, डॉ. संदीप जैन, रुपाली जैन, गिरिराज, सोनू, सुनीता शर्मा, सोनिया, सईदा, बुनियाद अली, राजेन्द्र, अजीत, प्रसन्न कुमार, योगेन्द्र प्रसाद, संजय पटेल, राजेश, गांधी स्मारक निधि पब्लिक स्कूल के बच्चे एवं स्टाफ, तथा स्वास्थ्य लाभ के लिए आए साधक-साधिकाएं उपस्थित रहीं।




