देव दिवाली पर सम्पर्क संस्थान को समर्पित हरियाली का प्रतीक

पिछले साल, मैंने कुछ बीजो को जमीन में सम्पर्क संस्थान के नाम पर बीजारोपण किया था, और आज वह एक बड़ा और फलता-फूलता पेड़ बन गया है। इस पेड़ को देखकर मुझे बहुत खुशी होती है, क्योंकि यह न केवल सम्पर्क की पहचान है, बल्कि मेरे प्रयासों का भी प्रतीक है।
इस पेड़ पर लगा पपीता मेरी खुशी को और भी बढ़ा देता है। यह पेड़ न केवल मुझे फल देता है, बल्कि यह मुझे जीवन के मूल्यों की भी शिक्षा देता है। यह पेड़ मुझे सिखाता है कि जैसे एक छोटे से बीज से एक बड़ा पेड़ बनता है, वैसे ही हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम दे सकते हैं।
आज देव दिवाली के दिन, मैं इस पेड़ और इसके फलों को ईश्वर को समर्पित करने का निर्णय लिया है। मुझे ख़ुशी है कि यह पेड़ लगाया। और इसके फल मीला व पर्यावरण संरक्षण हुए पक्षीयो की रोनक सभी भी।
इस पेड़ की देखभाल करना और इसे बढ़ते हुए देखना मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव है। यह मुझे सिखाता है कि जीवन में धैर्य और मेहनत का महत्व कितना अधिक है। जैसे इस पेड़ को बढ़ने के लिए समय और पानी की आवश्यकता थी, वैसे ही हमें भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समय और मेहनत की आवश्यकता होती है।
मैं इस पेड़ को सम्पर्क संस्थान के नाम पर लगाकर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं। यह पेड़ न केवल संस्थान की पहचान है, बल्कि यह हमारे समाज में भी एक सकारात्मक संदेश देता है। यह हमें सिखाता है कि हमें पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और पेड़ों का संरक्षण करना चाहिए। सम्पर्क संस्थान परिवार के सानिध्य से यह सब सम्भव हुआ।
सुनिता त्रिपाठी’अजय
जयपुर राजस्थान




