कशिश काव्य मंच के तत्वावधान में भव्य काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह संपन्न

दिल्ली। कशिश काव्य मंच (पंजीकृत साहित्यिक संस्था) के बैनर तले दिनांक 28 दिसंबर 2025 को शर्मा न्यू आर्ट्स कॉलेज, शक्ति नगर चौक, दिल्ली के सभागार में नववर्ष आगमन अभिनंदन के उपलक्ष्य में एक भव्य काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ अधिवक्ता पवन मल्होत्रा, एडवोकेट द्वारा किया गया, जबकि आयोजन की अध्यक्षता संस्था की संस्थापिका कंचन वार्ष्णेय ‘कशिश’ ने की।इस अवसर पर शर्मा न्यू आर्ट्स कॉलेज के चेयरपर्सन विवेकानंद शर्मा का सम्मान किया गया, जिन्होंने वर्षों से साहित्य साधना में निःस्वार्थ योगदान देकर साहित्य जगत को समृद्ध किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वयं विवेकानंद शर्मा रहे। कार्यक्रम का सुंदर एवं प्रभावशाली मंच संचालन संगठन सचिव कुसुम लता पुंडोरा एवं अध्यक्षा कंचन वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से किया।

विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोविन्द नारायण शांडिल्य (कानपुर), मधुबाला ‘मधु’ (संस्थापिका, अभिव्यक्ति मंच, दिल्ली), अतुल कुमार शर्मा (हिन्दू जागृति मंच, सम्भल), गोल्डी गीतकार (संस्थापक, इंडियन पोएट क्लब, दिल्ली) एवं दिनेश पाल ‘दिलकश’ (चन्दौसी) मंचासीन रहे।
काव्य गोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वरिष्ठ एवं नवोदित रचनाकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में इंजी. एन.सी. खंडेलवाल (फरीदाबाद), दीपिका वल्दिया (नोएडा), प्रमोद तिवारी (औरैया), मनीष शतदल (कानपुर), दिल्ली से शिवानी स्वामी, सौरभ यादव, संगीता चौहान ‘सदफ’, नवीन पहल, कबीरा हालाती शायर, अर्पणा भटनागर, कृष्णा शर्मा ‘दामिनी’, अर्पणा गर्ग ‘शिव’, अनिल कपूर, नेहा जैन, मनीषा गुप्ता, ऋषि मौर्य, बबली वशिष्ठ, डॉ. रेखा तिवारी, सोनिया सरीन ‘साहिबा’, सुरेंद्र ‘सिफर’, पूनम सिंह, सरिता सिंह, प्रवीन रंजन जौनपुरी सहित अनेक साहित्यकारों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में रजनी बाला (सचिव), डॉ. मदन मुरादाबादी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), प्रदीप वार्ष्णेय (समन्वयक), उर्मिला गुप्ता (कोषाध्यक्ष) सहित सभी पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।कार्यक्रम के आरंभ में सभी प्रतिभागियों के लिए उत्तम नाश्ते की व्यवस्था की गई, वहीं समापन पर स्वादिष्ट भोजन के साथ आयोजन का सुखद समापन हुआ। साहित्य, सौहार्द और सृजनात्मक ऊर्जा से भरपूर यह भव्य काव्य गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।




