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शुभागमन नववर्ष — रुकमणी शर्मा गुरुग्राम

देते हैं भावभीनी विदाई दो हज़ार पच्चीस तुम्हें
दिए कुछ सुखद, कुछ दुखद अनुभव हमें
दिए बहुत ग़म और अश्क़ भी तुमने
पर खुशियों का सैलाब ला खूब हर्षाया भी तुमने
शुक्रिया विगत वर्ष बहुत कुछ दिया तुमने
तेरे साये में बहुत कुछ खोया -पाया हमने
जाते-जाते नायब तोहफ़े से नवाज़ दो हमें
आतंकवाद,युद्धविभीषिका से उबारो हमें
गुज़ारिश है ले जाओ सबके ग़म साथ अपने
खुशियों के फूल खिला जाओ सबके जीवन में
अमन-चैन को बसा जाना सारे जहाँ में
नववर्ष से कहना, ख़ुशहाली लाए सबके जीवन में
अलविदा-अलविदा दो हज़ार पच्चीस प्यारे
नई उम्मीदों, उमंगों, हर्षोल्लास संग स्वागत दो हज़ार छब्बीस प्यारे ll
रुकमणी शर्मा
गुरुग्राम




