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साहित्य संगम मंच की प्रथम मासिक ई–गोष्ठी सम्पन्न भाव, संवेदना और सृजनात्मक अभिव्यक्ति से सजी साहित्यिक संध्या

 

जयपुर | जनवरी 2026 साहित्य संगम मंच की प्रथम मासिक ई–गोष्ठी जनवरी 2026 में अत्यंत गरिमामय, भावपूर्ण एवं सृजनात्मक वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस साहित्यिक संध्या का उद्देश्य साहित्य, संवेदना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को एक साझा मंच प्रदान करना रहा, जिसमें शब्द, स्वर और भावों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चरणों में नमन के साथ हुआ। आदरणीया अलका गर्ग द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे वातावरण को पावन और साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात काव्य गोष्ठी औपचारिक रूप से प्रारंभ हुई।

गोष्ठी में क्रमशः अनेक रचनाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। सुनीता तिवारी ने प्रेम और अनुराग से भरी रचना से श्रोताओं को भावविभोर किया। राजेंद्र परिहार ने गाँव और बचपन की स्मृतियों को सजीव करता गीत प्रस्तुत कर सभी को अपनी जड़ों से जोड़ दिया। आशा दिनकर ‘आस’ ने मधुर प्रेम गीत के माध्यम से संवेदनाओं को स्वर दिया। मैत्रेयी त्रिपाठी ने हिंदी दिवस पर आधारित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर भाषा के प्रति अनुराग प्रकट किया। वैशाली रस्तोगी की सैनिक और उसकी प्रेयसी के वियोग संवाद पर आधारित प्रस्तुति ने श्रोताओं की आँखें नम कर दीं। डॉ. प्रवीण शर्मा ने बचपन के साथियों की खोज करती संवेदनशील रचना से स्मृतियों का संसार रचा। गोष्ठी की संयोजिका सुनीला नारंग ने अपनी सशक्त ग़ज़ल से कार्यक्रम को ऊँचाई प्रदान की। वहीं मंच संचालन कर रहीं शिखा खुराना ने सधे हुए, मनभावन संचालन के साथ प्रस्तुत की गई अपनी खूबसूरत ग़ज़ल से कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अलका सिन्हा रहीं। उन्होंने सभी रचनाकारों की प्रस्तुतियों की स्नेहिल, सारगर्भित एवं प्रेरक समीक्षा की तथा नववर्ष के अवसर पर एक स्त्री-हृदय से उपजी अत्यंत मार्मिक रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावनात्मक रूप से समृद्ध किया। समापन अवसर पर शिखा खुराना द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि, संयोजिका, सभी रचनाकारों एवं साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
समग्र रूप से साहित्य संगम मंच की यह प्रथम मासिक ई–गोष्ठी साहित्यिक सौहार्द, सृजनात्मक ऊष्मा और भावनात्मक जुड़ाव का उत्कृष्ट उदाहरण बनी तथा एक यादगार साहित्यिक आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

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