विश्व शांति -भारत के हितों की रक्षा की कामना के साथ गोविंद देवजी मंदिर में हुआ गायत्री महायज्ञ
जयपुर। चैत्र शुक्ल एकादशी पर आराध्य देव श्री गोविंद देव जी मंदिर में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की ओर से पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सानिध्य में संपन्न इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध जैसे वैश्विक तनावों के दुष्प्रभाव से भारत एवं भारतीयों के हितों की रक्षा तथा विश्व शांति की कामना रहा।
महायज्ञ में आठ पारियों के माध्यम से 400 से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ का शुभारंभ मंदिर सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी ने दीप प्रज्वलन कर किया । इस दौरान वेदमाता गायत्री, यज्ञ भगवान, गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं भगवती देवी शर्मा का पूजन किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में षट्कर्म, देवी-देवताओं का आह्वान, षोडशोपचार पूजन एवं स्वस्तिवाचन सम्पन्न हुआ। अग्नि प्रज्वलन के साथ विधिवत यज्ञ आरंभ हुआ । गायत्री मंत्र एवं विशिष्ट वैदिक मंत्रों से आहुतियां प्रदान की गईं। विशेष रूप से वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत की सुरक्षा, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की गईं।

आचार्य पीठ से कामिनी शर्मा, सुशीला सैनी एवं नीतू शर्मा ने शांतिकुंज पद्धति से हवन सम्पन्न कराया। संगीतज्ञ ब्रजपाल जांगिड़ ने प्रज्ञा गीतों की प्रस्तुति दी। आचार्य पीठ से श्रद्धालुओं को गायत्री मंत्र जाप एवं बलिवैश्व यज्ञ के लिए प्रेरित किया गया।देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने भी भाग लेकर विश्व शांति एवं मानव कल्याण की प्रार्थना की।
एकादशी पर भगवान विष्णु को विशेष आहुतियां अर्पित की गईं । एक बुराई छोड़ने और एक अच्छाई ग्रहण करने के भाव के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। शांति पाठ और प्रेरक जयघोष के साथ यज्ञ का समापन हुआ। इस अवसर पर गीता का सामूहिक पाठ भी किया।
यज्ञ में सिया राम शर्मा, नवल गुप्ता, राकेश अरोड़ा, सतीश शर्मा एवं मनोज कुमार का विशेष सहयोग रहा। गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी द्वारा साहित्य स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं को प्रज्ञा अभियान विशेषांक एवं अन्य साहित्य उपलब्ध कराया गया।




