नवरात्रि — कविता साव

आज हम नवरात्रि के विषय
पर कुछ जानते हैं। नवरात्रि ,देवी उत्सव और इसके आध्यात्मिक महत्त्व को जानते हैं।नवरात्रि भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। यह पर्व माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए उत्सव का प्रतीक है। ‘नवरात्रि’ शब्द का अर्थ है – नौ रातें। इस अवधि में लोग देवी के नौ स्वरूपों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री – की पूजा करते हैं।नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक शुद्धि और मन की शक्ति को जागृत करना है। इस पर्व के दौरान लोग व्रत रखते हैं, विशेष भजन और कीर्तन करते हैं, मंदिरों और घरों को सजाते हैं, और सामूहिक रूप से देवी की महिमा का गुणगान करते हैं। विशेषकर नवमी और दशमी के दिन शुभ आयोजन और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर लोग गरबा और डांडिया जैसे नृत्य के माध्यम से सामूहिक उल्लास और भाईचारे का अनुभव करते हैं। साथ ही, यह पर्व आत्मसंयम, श्रद्धा और त्याग की भावना को भी बल देता है।अंततः नवरात्रि हमें यह सिखाती है कि जीवन में शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार आवश्यक है। यह पर्व केवल देवी की आराधना तक सीमित नहीं, बल्कि मन, विचार और कर्म की शुद्धि का अवसर भी प्रदान करता है।
कविता साव
पश्चिम बंगाल




