बीसोखोर में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन, सनातन एकता और जागरण का संदेश

अरविंद शर्मा जिला ब्यूरो चीफ नज़र इन्डिया 24
महाराजगंज जनपद के निचलौल प्रखंड अंतर्गत बीसोखोर गांव स्थित श्यामा देवी सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल के प्रांगण में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के अनेक गांवों से आए हिंदू समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना, समाज में संगठन और एकता की भावना को सुदृढ़ करना तथा सांस्कृतिक चेतना का विस्तार करना रहा। आयोजन स्थल को धार्मिक प्रतीकों, ध्वजों और बैनरों से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और उत्सवमय बन गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आगमन शुरू हो गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। सम्मेलन में श्यामा देवी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक एवं संघ खंड संचालक निचलौल श्री जिउत यादव तथा संघ जिला प्रचारक विनय जी ने मुख्य वक्ता के रूप में समाज को संबोधित किया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने संस्कार, परंपरा और संस्कृति को बचाने पर बल देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय शर्मा और पुनीत शर्मा ने हिंदू समाज से संगठित रहने और अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने युवाओं से नशा, भटकाव और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता मनोज पांडे की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन तभी संभव है, जब समाज अपने मूल विचारों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा रहे। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक एकता का सशक्त प्रतीक बताया।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण आनंद मोहन मिश्रा उर्फ छोटे बाबू का ओजस्वी संबोधन रहा। उन्होंने सनातन धर्म के इतिहास, उसकी महान परंपराओं और दार्शनिक आधार पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह धर्म सहिष्णुता, करुणा और समरसता का संदेश देता है, जिसे आचरण में उतारना आवश्यक है।
कार्यक्रम में विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, संत-महात्मा, साधु-सन्यासी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। संतों के प्रवचनों ने सम्मेलन को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। अंत में समाज में शिक्षा, संस्कार और संगठन के माध्यम से सनातन मूल्यों को मजबूत करने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया।
सम्मेलन के सफल आयोजन में राजेश यादव सहित अनेक स्थानीय कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया। कुल मिलाकर, बीसोखोर में आयोजित यह विशाल हिंदू सम्मेलन धार्मिक जागरण और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।




