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आधुनिक परिवेश में नारी की भूमिका लघु कथा — डॉ संजीदा खानम शाहीन 

 

बात उस वक्त की जब भावना गर्मी की छुट्टियों में अपनी बहिन के यहां गई और वहां तो एक शिविर पर काम चल रहा था।शिविर में रक्तदान का कार्यक्रम चल रहा था ।
और इस समाज सेवा के कार्यकम में भावना ने बहुत अलग सराहनीय कार्य करते हुए देखा ।शिविर में पुरुष वर्ग कम कम थे ।और महिला वर्ग ज्यादा संख्या में दिखी रक्तदान करती हुई ।
एक वक्त था महिला भयभीत होती थी
रक्तदान देने के नाम से। आज वक्त कितना बदल गया महिलाएं इस काम को सफल बनाने में आगे आई है यह देख भावना को बहुत प्रसन्नता हुई ,और भावना ने भी रक्तदान करके पुण्य प्राप्त कर लिया।
प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं अपना लोहा मनवा रही है । बहुत गर्व की बात है समाज हित और इंसानियत ,मानवता के लिए आज महिलाएं अपना पूर्ण योगदान दे रही ।रक्तदान करके महादान कर रही । ये शिविर 09/09/2024 को देवगढ़ में हुआ था बहुत अनुभव हुआ एक सफल कार्यक्रम में सफल प्रयास देखकर।
इस तरह के शिविर भविष्य में होना चाहिए।

मौलिक अप्रकाशित स्वरचित
डॉ संजीदा खानम शाहीन

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