भीलवाड़ा समग्र शिक्षा में गड़बड़झाला शिक्षक व बाबू JENके पद पर पदस्थापित,बना रहे स्कूल भवन

डाॅ.चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार। नज़र इंडिया 24
भीलवाडा। प्रदेश में तेज तर्रार नेता के रूप में माने जाने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आदेश विभाग में हवा हो रहे हैं और समग्र शिक्षा में तकनीकी अधिकारी अर्थात कनिष्ठ अभियंता (JEN) के पद पर भीलवाड़ा जिले के दो शिक्षक और एक बाबू पद स्थापित होकर सरकारी विद्यालयों के भवन निर्माण कर रहे हैं जिन्हें तकनीकी जानकारी का बिल्कुल ज्ञान नहीं है और वह बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ऐसे में झालावाड़ जैसी घटनाएं होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता ।
प्रदेश में झालावाड़ उदयपुर जैसलमेर सहित अन्य जिलों में सरकारी भवनों के गिरने और विद्यार्थियों के समय से पहले काल का ग्रास बनने जैसी दुखद घटनाओं के बाद सरकार और शिक्षा मंत्री अलर्ट होते हुए सख्त एक्शन में आ गए और प्रदेश में सभी सरकारी स्कूलों का सर्वे कराया जिसमें कई कमियां और खामियां मिली है ।
*मंत्री दिलावर के आदेश कोरे कागजी साबित*
प्रदेश मे कई जगह समग्र शिक्षा में तकनीकी अधिकारी अर्थात कनिष्ठ अभियंता के पद पर शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के लिए कार्मिकों को लगा रखा है जिन्हें तकनीकी ज्ञान नहीं होने के बाद भी वह सरकारी स्कूल भवन बना रहे हैं। ऐसी संख्या और जानकारी सामने आने पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए की समग्र शिक्षा में लगे हुए शिक्षा विभाग के शिक्षक कार्मिक तथा पंचायती राज विभाग के कार्मिकों को तत्काल उनके मूल पदों पर भेजा जाए।
लेकिन आश्चर्य की बात है कि अभी तक मंत्री के आदेशों की पालना नहीं हुई है। इसका प्रत्येक उदाहरण है भीलवाड़ा में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में दो शिक्षक और एक बाबू कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्य कर रहे हैं और बाबू को तो एक ब्लॉक नहीं तीन ब्लॉक का प्रभार दिया हुआ है । सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इनमें एक शिक्षक और एक बाबू के खिलाफ पहले ही सरकारी स्कूल भवन निर्माण में फर्जीवाड़ा होने के मामले विचाराधीन है।
*यह है शिक्षक व बाबू जो जेईएन(JEN) के पद पर है*
1- *हिम्मत सिंह*
हिम्मत सिंह इनका मूल पद प्रयोगशाला सहायक है और वर्तमान में यह समग्र शिक्षा मे कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) के पद पर प्रतिनियुक्त पर है तथा मांडल ब्लॉक मे कनिष्ठ अभियंता (जेईएन)का प्रभार इनके पास है। मांडल ब्लॉक में सरकारी योजना के तहत बनने वाले सरकारी स्कूलो के भवन,कमरे बरामदे और स्कूलो के मरम्मत वाले निर्माण कार्य की जिम्मेदारी और देखरेख इनकी है ।
2- *हमीद खां*
हमीद खां इनका मूल पद प्रयोगशाला सहायक है और यह 2008 से समग्र शिक्षा में कनिष्ठ अभियंता (जेईएन)के पद पर पिछले करीब 17 सालों से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं और वर्तमान में जहाजपुर ब्लाक में कनिष्ठ अभियंता ( जेईएन) के रूप मे समग्र शिक्षा के तहत बनने वाली सरकारी स्कूलों के भवन,कमरे,बरामदे व अन्य निर्माण और अन्य कार्य इनकी देखरेख में होते हैं। हमीद खां जब हुरडा ब्लॉक में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्य करे थे तब इनकी देखरेख में सरकारी स्कूल भवन का निर्माण हुआ था। निर्माण के एक महीने बाद ही उस स्कूल भवन की छत गिर गई थी अर्थात निर्माण में भ्रष्टाचार के कारण व छत धराशाई हो गई थी। तब तत्कालीन एईएन सुरेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनको मूल विभाग पंचायत राज में भेज दिया गया लेकिन जेईएन हमीद खां को उनके मूल पद पर नहीं भेजा ? और वह आज तक कार्य कर रहे है। इस मामले में तत्कालीन एडीपीसी योगेश पारीक को भी चार्जशीट मिली थी और इस संबंध में 1 जनवरी 2015 को पुलिस थाने में प्राथमिक की भी दर्ज हुई थी जिसमें हमीद खां को भी आरोपी बनाया गया था। लेकिन आश्चर्य की बात है कि आज 10 साल बीत जाने के बाद भी हमीद खां प्रयोगशाला सहायक होने के बाद भी और इतना बड़ी घटना होने के पश्चात भी जेईएन के पद पर समग्र शिक्षा में कार्य कर रहे है ? जो सवालों के घेरे में है ।
यह दोनों कार्मिक शिक्षक (लैब असिस्टेंट) होने के बाद भी स्कूल भवन निर्माण जैसा कार्य कर रहे है ऐसे में क्या स्कूल भवन की गुणवत्ता पर भरोसा किया जा सकता है ?
3- *सुरेश लोधी*
सुरेश लोधी मूलतः धौलपुर जिले के रहने वाले हैं और पंचायत विभाग में कनिष्ठ लिपिक (बाबू) इनका मूल पद है। लेकिन यह पिछले 4 सालों से समग्र शिक्षा अभियान में कनिष्ठ अभियंता के पद पर प्रतिनियुक्ति पर हैं और वर्तमान में उनके पास आसींद बिजोलिया और हुरडा ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंत् (जेईएन) का प्रभार है। इन तीनों ब्लॉक में यह समग्र शिक्षा अभियान के तहत बनने वाले सरकारी स्कूल भवन,कमरे,बरामदे व अन्य मरमत व अन्य निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी निभा रहे है । इनके पास तकनीकी संबंधी कोई डिग्री नहीं है ऐसे में इनकी देखरेख में और मॉनिटरिंग में बनने वाले स्कूल भवन की गुणवत्ता पर कितना भरोसा किया जा सकता है ? यह आप अंदाजा लगा सकते हैं ? यही नहीं सुरेश लोधी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में एक प्रकरण संख्या 4652 / 20/1/2020 और मुकदमा संख्या 289/ 2018 पंजीबद्ध होकर विचाराधीन है इसके बावजूद भी अभी तक वह कनिष्ठ अभियंता के पद पर लगे हुए हैं ? विभाग और सरकार ने इन्हें हटाया नहीं और मूल विभाग में नहीं भेजा है? बताया जाता है कि इस पद पर रहते हुए उन्होंने आय से अधिक संपत्तियां भी अर्जित की है जिसमें प्रमुख रूप से रायपुर में आलीशान मकान,सुरास चौराहे रायपुर में देश कीमती जमीन, जयपुर में आलीशान मकान धौलपुर में मकान में जमीन बताई जाती है। अगर इसकी बड़ी किसी की जांच की जाए तो कई परतें खुल सकती है
*नियम यह है*
सबसे बड़ी आश्चर्य की बात यह है कि समग्र शिक्षा अभियान में प्रतिनियुक्ति का एक नियम है कि अगर किसी के खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज है तो उसे प्रतिनियुक्ति नहीं दी जा सकती लेकिन सुरेश लोधी बाबू ने अपने खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के पश्चात भी इस तथ्य को छुपा कर प्रतिनियुक्ति हासिल की है।
*मंत्री दिलावर के आदेशों की पालन क्यों नहीं हो रही ?*
क्या मदन दिलावर के संज्ञान में यह मामला नहीं है या फिर दिलावर के आदेशों की पालना नहीं हो रही है या फिर ब्यूरोक्रेट्स मंत्री से ऊपर हैं ? ऐसे सवाल आज राजनीतिक गलियारे के साथ-साथ आमजन में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
यह क्या कहते हैं
ग्राम पंचायत सगरेव के तत्कालीन तकनीकी सहायक सुरेश लोधी पंचायत समिति रायपुर सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवेदन ब्यूरो में मामला दर्ज होकर जांच चल रही है। इस संबंध में कुछ रिकॉर्ड पंचायत समिति से मांगा गया है।
राकेश कुमार वर्मा
उपाधीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो स्पेशल यूनिट अजमेर




