लघु कथा – खो गई मानवता – सीमा त्रिपाठी

सुनील और उसके मित्र रोज शाम को टहलने जाया करते थे थोड़ी गपशप मौजमस्ती उनकी प्रतिदिन की दिनचर्या थी एक दिन सभी लोग टहलते हुए नदी किनारे पहुंच गए सबने सोचा बहुत सुंदर दृश्य है सेल्फी और एक दूसरे की फोटो खींच रहे थे तभी उन्हें कही से आवाज सुनाई दी बचाओ बचाओ हेलो हेल्प मी तभी उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति नदी में डूब रहा है और उसका एक हाथ बाहर निकला था उसे डूबता देख किसी ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया बल्कि उसकी फोटो खींची और उसका वीडियो बनाते रहे बहुत ही दर्दनाक घटना उसी समय वहां एक गोताखोर तैर रहा था उसने यह दृश्य देखा उसे आश्चर्य हुआ उसने तुरंत डूबने वाले व्यक्ति को बाहर निकाला और उन लोगो के सामने लिटाकर पेट दबा दबा कर पानी निकाल कर उसे बचाने की कोशिश करने लगा धीरे धीरे उस व्यक्ति ने आंखे खोल दी यह सब देखकर सुनील और उसके साथी बहुत शर्मिंदा हुए और भविष्य में ऐसी गलती ना करने का दृढ़ निश्चय किया।
सीमा त्रिपाठी
लखनऊ उत्तर प्रदेश।




