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बुलंदी संस्थान का ऑनलाइन कवि सम्मेलन: देशभर के कवियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा।

 

रविवार 12-10-2025समय 5–6 शाय ।बुलंदी संस्थान द्वारा ऑनलाइन काव्यपाठ का आयोजन किया गया। यह संस्थान तीन बार विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली संस्थान है। बुलंदी नवोदित व पुराने सभी को मंच प्रदान करता है। बादल बाज़पुरी नवी आदि संस्थान के प्रमुख हैं। हर रविवार को यह कार्यक्रम स्टीमयार्ड पर आयोजित किया जाता है। बुलंदी एक बहुत बड़ी संस्थान है जिसमें देश-विदेश से बहुत से लोग जुड़े हुए हैं।कार्यक्रम की संचालिका आशा बिसारिया उत्तर प्रदेश से थीं। उन्होंने संचालन के साथ सरस्वती वंदना बहुत मधुर स्वर में की। सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ जयपुर से थीं। उन्होंने “मीठी लागे रे मायड़” और “गगन है तू ओ प्रियतम मेरे” गीत और कविता सुनाई। रीमा महेंद्र ठाकुर मध्य प्रदेश से थीं। उन्होंने “पत्नियां तुलसी नहीं होती” और “यादें-बारिश की बूंदें वो रिमझिम सा पानी” कविताएँ सुनाईं। ऋतु रागिनी जयपुर से थीं। उन्होंने “माँ तेरा आंचल” और “कुछ कसक कुछ किस्से, खामोश रंग की दास्तान” कविताएँ सुनाईं।रविंद्र सिंह जी झांसी से थे। उन्होंने 1857 की क्रांति की झलकारी बाई पर शानदार प्रस्तुति दी। मयूरा मेहता जी उदयपुर से थीं, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण उनकी प्रस्तुति नहीं हो पाई। अंत में आशा ने “छोटे छोटे दीप जले” और “मिट्टी महक रही है हिंदुस्तान की” के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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