संकट में उत्साह: जीत का मार्ग — नीलम सोनी

मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि जीवन में चाहे कितनी भी नकारात्मक परिस्थितियाँ क्यों न आएं, यदि कोई व्यक्ति अपना उत्साह और जुनून कायम रखता है तो उसकी जीत सुनिश्चित होती है। यह केवल आशावाद नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यावहारिक दृष्टिकोण है जो हमें हर बाधा को पार करने की शक्ति देता है। अक्सर हम देखते हैं कि थोड़ी सी प्रतिकूलता आते ही लोग हिम्मत हार जाते हैं, उनका मनोबल टूट जाता है और वे अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। वे यह भूल जाते हैं कि हर चुनौती अपने साथ एक अवसर भी लाती है जिसे पहचानने के लिए सकारात्मक ऊर्जा का होना अनिवार्य है।
यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि कठिन समय में भी उत्साह और जुनून को बनाए रखना एक महान गुण है। यह हमें भीतर से मजबूत बनाता है और हमें परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। जब हम उत्साह में होते हैं तो हमारा दिमाग अधिक रचनात्मक होता है, हम समाधान खोजने में सक्षम होते हैं और हम हार मानने के बजाय लगातार प्रयास करते रहते हैं। यह जुनून ही हमें उस अतिरिक्त मील तक ले जाता है, जहाँ सामान्य लोग हार मान लेते हैं। ऐसे समय में जब चारों ओर निराशा का माहौल हो, आपका उत्साह न केवल आपको, बल्कि आपके आस-पास के लोगों को भी प्रेरणा देता है।
इतिहास गवाह है कि जितने भी महान लोग हुए हैं, उन्होंने अपनी सबसे बड़ी सफलताएं तब हासिल कीं जब वे सबसे अधिक विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। उनकी सफलता का राज केवल उनकी प्रतिभा नहीं थी, बल्कि उनका अटूट उत्साह और अपने लक्ष्य के प्रति गहरा जुनून था। उन्होंने नकारात्मकता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया, बल्कि उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और उससे पार पाने के लिए दोगुने जोश से काम किया। यह दृढ़ संकल्प ही उन्हें अपने सपनों को साकार करने में मदद करता है।
इसलिए मेरी यह सलाह है कि हम सब अपने जीवन में आने वाली हर नकारात्मक परिस्थिति को एक परीक्षा मानें, न कि अंत। अपने भीतर के उत्साह को कभी मरने न दें और अपने जुनून की लौ को हमेशा प्रज्वलित रखें। याद रखें, अंधेरा कितना भी घना क्यों न हो, एक छोटी सी चिंगारी भी उसे दूर कर सकती है। आपका उत्साह ही वह चिंगारी है जो आपको हर मुश्किल से निकालकर सफलता की ओर ले जाएगी।
नकारात्मकता से घबराओ ना, उत्साह रखो साथ।
जुनून से काम करो, जीत तुम्हारे हाथ।
नीलम सोनी फॉर्म ब्यावर राजस्थान




