आज के समय में व्यवहार का महत्व — सुनिता त्रिपाठी’अजय

आज का समय बहुत तेज़, बहुत बदलता हुआ और अपेक्षाओं से भरा हो गया है। लोग अपने कामों में व्यस्त हैं, समय कम है और संवेदनाएँ पहले जैसी नहीं रहीं। ऐसे में किसी व्यक्ति की पहचान उसके पहनावे या बातों से कम, और व्यवहार से अधिक होती है। आज का समाज उसी को मान देता है, जो अपने आचरण में विनम्र हो, बोलचाल में संयम रखे और दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता रखता हो।
व्यवहार अब केवल शिष्टाचार का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि यह इंसान की पूरी छवि बनाता है। चाहे घर हो या कार्यस्थल, रिश्ते हों या नई मुलाकातें—हर जगह हमारा तरीका ही हमारे बारे में बोलता है। आज के दौर में लोग सीधेपन, सच्चाई और सम्मानपूर्ण व्यवहार को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। जो व्यक्ति सही समय पर सही शब्द चुन लेता है, वही दूसरों के मन में जगह बना पाता है।
डिजिटल दुनिया ने दूरी कम कर दी है, पर मनों के बीच का फासला बढ़ाया भी है। संदेश भेजने में केवल कुछ सेकंड लगते हैं, पर भावनाएँ समझने में संवेदनशीलता चाहिए। इसलिए व्यवहार में धैर्य का होना आज पहले से कहीं ज़्यादा जरूरी हो गया है। एक छोटा-सा कठोर शब्द सामने वाले के मन पर गहरी चोट कर सकता है, और एक नरम शब्द किसी का दिन बना सकता है।
आज के समय का व्यवहार स्पष्टता चाहता है—न कृत्रिमता, न दिखावा। लोग उस व्यक्ति को पसंद करते हैं, जो सरल भी हो और आत्मविश्वासी भी; आधुनिक भी हो और मर्यादित भी; स्वतंत्र भी हो और दूसरों की सीमाओं का सम्मान करने वाला भी। ऐसा व्यवहार न केवल रिश्तों को सुंदर बनाता है, बल्कि इंसान के भीतर भी शांति और गरिमा भर देता है।
व्यवहार वह दर्पण है, जिसमें हमारा चरित्र साफ दिखाई देता है। यह वही सुगंध है, जो व्यक्ति के जाने के बाद भी उसके साथ रहती है। विद्या, संपत्ति, पद—सब बदल सकते हैं; पर सही व्यवहार हमेशा याद रहता है।
आज के समय में यही सही मार्ग है—
सादा, सच्चा, विनम्र, संतुलित और संवेदनशील व्यवहार।
यही मनुष्य को महान बनाता है और समाज को सुन्दर।
सुनिता त्रिपाठी’अजय
जयपुर राजस्थान




