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चित्रकार एवं कवि संजय कुमार गिरि रामप्रसाद बिस्मिल सम्मान से हुए सम्मानित

 

नई दिल्ली। पंडित दीनदयाल मार्ग पर स्थित हिन्दी भवन में पं. रामप्रसाद बिस्मिल और उनके साथियों का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, पं. वंशीधर शुक्ल विशेषांक साहित्य सप्तक का लोकार्पण और सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।
पं. रामप्रसाद बिस्मिल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो उमापति दीक्षित ने कहा कि सरकारें बदलती रही पर क्रांतिकारियों की सुधि किसी ने नहीं ली,सरकारों को दोषारोपण से बाहर आकर कुछ सार्थक करने पर सोचना चाहिए। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार प्रो अवनिजेश अवस्थी ने कहा कि जो रास्ता बिस्मिल जी ने चुना,वह आसान नहीं था। आकाशवाणी के सहायक निदेशक डॉ राम अवतार बैरवा और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मधु चतुर्वेदी ने बतौर विशिष्ट अतिथि अपने विचार व्यक्त किए। व्यंग्यकार श्रीकान्त सिंह ने बतौर वक्ता सम्बोधित किया। संचालन मनोज श्रीवास्तव अनाम और रचना पथिक ने किया।
इस अवसर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए छह विभूतियों को सम्मानित किया गया। कविता के लिए शैल भदावरी, विज्ञान राजभाषा के लिए विकास दीक्षित, खेल व शिक्षा के लिए प्रवीण नागर, चित्रकारी व साहित्य के लिए संजय कुमार गिरि , साहित्य व शिक्षा के लिए डॉ अंजू वेद और फिल्म व शिक्षा के लिए योगेश मिश्रा को फाउंडेशन ने अंगवस्त्र, नारियल, और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। फाउंडेशन के अध्यक्ष अरविंद पथिक ने विषय प्रवेश पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम के आयोजन पर प्रकाश डाला। आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ चंद्रमणि ब्रह्मदत्त, डॉ प्रवीण दिशावर, डॉ गणेश शंकर श्रीवास्तव,ब्रह्मदेव शर्मा, लता दीक्षित, कनक सौम्या, नूतन मिश्रा, सीमा शर्मा मेरठी, अरुण कुमार अरुण, नित्यानंद शुक्ल, अरविंद कुमार ने अपनी कविताएं सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया।

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