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राष्ट्रीय किसान दिवस पर ललिता सिंह विम्मी की कहानियों से आलोकित हुआ कल्प कथा मंजूषा मंच।

किसान खेतों में खड़ा वह नायक हैं जो जीवन में भूख के रण को धैर्य, परिश्रम, और आशाओं के शस्त्रों से लड़ता है। - कल्पकथा परिवार

 

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय किसान दिवस पर कल्प कथा मंजूषा मंच भिवानी हरियाणा की बहुमुखी प्रतिभा संपन्न कथाकार श्रीमती ललिता सिंह विम्मी जी की आत्मकथ्यात्मक कहानियों से आलोकित हुआ।

अहमदाबाद गुजरात की वरिष्ठ चिंतक डॉ श्रीमती नलिनी शर्मा कृष्ण जी के मंच संचालन के कार्यक्रम में विम्मी जी ने नबाब और अनछुए एहसास कहानियों का वाचन किया। जिनमें एक और तो भावनाओं का ज्वार उमड़ा वहीं दूसरी और संवेदना शब्दों से प्रवाहित हुई।

कल्पकथा साहित्य संस्था के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के समीक्षा एवं समालोचना के विशेष प्रारूप के आयोजन में हरियाणा की पहली महिला ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर ललिता जी को कल्प कथा मंजूषा पत्रम से सम्मानित करते हुए उन्हें भविष्य हेतु मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।

समीक्षक श्रीमती भावना भारद्वाज जी, एवं समालोचक श्री चंद्र प्रकाश गुप्त चन्द्र बुंदेला जी की विशिष्ट भूमिकाओं से सजे इस अवसर पर विशेष रूप से आयोजन की प्रशंसा करते हुए कल्पकथा संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने कहा कि किसान खेतों में खड़ा वह नायक है जो जीवन में भूख के रण को धैर्य, परिश्रम और आशाओं के शस्त्र से लड़ता है अतः हमें उसका सम्मान करना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव १५०वें वर्ष में अमर बलिदानियों के सम्मान में वन्दे मातरम् का गायन किया गया तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों को आभार प्रकट करने बाद सर्वे भवन्तु सुखिन: श्लोक पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।

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