शिल्पग्राम उत्सव की तैयारियां चरम पर, घूमर की जीवंत प्रतिमाएं होंगी मुख्य आकर्षण

नानालाल आचार्य। नजऱ इंडिया 24
उदयपुर। मेवाड़ के लोककला प्रेमियों की विशेष पसंद बन चुके पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के प्रतिष्ठित शिल्पग्राम उत्सव की तैयारियां इन दिनों अंतिम चरण में हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेलार्थियों की रुचि को ध्यान में रखते हुए कई नए और अनूठे आकर्षण शामिल किए गए हैं। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि इस वर्ष कला विहार में राजस्थान के सुप्रसिद्ध घूमर नृत्य पर आधारित जीवंत प्रतिमाएं (स्टेच्यूज) तैयार की जा रही हैं, जो दर्शकों को खासा आकर्षित करेंगी। इसके साथ ही प्रस्तर कला में भी दर्जनभर नए और सुंदर आइटम्स जोड़े गए हैं। इन प्रस्तर प्रतिमाओं में पुराने इलेक्ट्रिक रेडियो, लॉन्ग शू, बल्ब, पुराना टेलीफोन, स्टीम इंजन, लोमड़ी, पर्दे से झांकती स्त्री, बैगपाइप वाद्य यंत्र, किताब तथा रीढ़ की हड्डी जैसी आकृतियां इतनी बारीकी और सजीवता से उकेरी गई हैं कि वे वास्तविक प्रतीत होती हैं।
खान ने बताया कि घूमर नर्तकियों की सुंदर प्रतिमाएं इस बार कला विहार का प्रमुख आकर्षण होंगी। इससे पूर्व गत वर्ष “गवरी” विषय पर किया गया प्रयोग अत्यंत सफल रहा था, जिसे मेलार्थियों ने खूब सराहा। उन्होंने जानकारी दी कि इस बार मुक्ताकाशी मंच का बैकड्रॉप राजस्थान की पारंपरिक हवेलियों की थीम पर तैयार किया जा रहा है, जिसका निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। कारीगर दिन-रात मेहनत कर इसे अंतिम रूप और सुंदर फिनिशिंग देने में जुटे हैं। वहीं शिल्पग्राम का मुख्य द्वार सहरिया आदिवासी थीम पर बनकर तैयार हो चुका है, जो आगंतुकों और पर्यटकों का मन मोह रहा है। निदेशक ने बताया कि शिल्पग्राम उत्सव से जुड़ी अन्य सभी तैयारियां भी अब अंतिम चरण में हैं और उत्सव को यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।



