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सुन्दरता — सरोज चन्द्रा पालीवाल जयपुर राजस्थान

प्रकृति प्रदत्त सुंदरता वस्तुतः एक अलग बात है, किंतु वास्तविक वास्तविक सुंदर वह व्यक्ति है जो सतत सृजनशील रहकर सामाजिक सरोकारों में
सकारात्मक भूमिका निभाता है। विचारशीलता एवं गतिशीलता उसको सदैव प्रेरित करती है।
सन्मार्ग के लिए सज्जनशील व्यक्ति सद् विचारों के साथ सदैव समाज के लिए सकारात्मक योगदान देता है।
वह सदैव ही सुंदर लगता है।
प्राकृतिक सौंदर्य समय के साथ कम हो सकता है, लेकिन साहित्यिक प्रतिबद्धता सदैव ही सुंदरता को सुंदरतम
बनाती है।
जय -हिन्द
सरोज चन्द्रा पालीवाल
जयपुर राजस्थान



