शौर्य दिवस – बालाकोट एयर स्ट्राइक की वर्षगांठ को समर्पित रहा कल्प भेंटवार्ता मंच।
पढ़ो समझो और गढ़ो, किसी अंधी दौड़ में मत पड़ो- सीमा शर्मा मंजरी।

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि श्रीमती कीर्ति त्यागी के संयोजन में शौर्य दिवस बालाकोट एयर स्ट्राइक की वर्षगांठ पर भारतीय वायुवीरों के शौर्य को समर्पित रहे कल्प भेंटवार्ता कार्यक्रम में मेरठ उप्र की प्रबुद्ध साहित्यकार, समाजसेवी, प्रचारक श्रीमती सीमा शर्मा मंजरी को कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित किया गया। डॉ श्रीमती मंजू शकुन खरे के कुशल मंच संचालन के प्रेरक संवाद कार्यक्रम में प्रश्नों के उत्तर देते हुए सीमा जी ने कहा कि संकल्प ही उन तमाम रास्तों को खोलते हैं जिनकी तलाश हम उम्र भर करते हैं इसलिए पढ़ो, समझो और गढ़ो किसी अंधी दौड़ में मत पड़ो। कल्पकथा के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि साहित्यकार को सम्मानित करते हुए विश्व आरोग्य संवर्धन संस्थान के संस्थापक एवं मेरठ उप्र सम्मानित समाजसेवी प्रदीप मिश्र अजनबी ने कहा माता पिता ही धरती पर वास्तव में भगवान का स्वरूप हैं इसलिए हेलो हाय छोड़ो मात पिता की जय कहो। चार चरणों क्रमशः व्यक्तिगत परिचय, साहित्यिक यात्रा, दर्शकों के प्रश्न, और चटपटे प्रश्न अटपटे उत्तर, के विशिष्ठ आयोजन के अंत में वन्दे मातरम् राष्ट्रगीत का गायन किया गया। तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों का आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।




