पंचायत चुनाव में देरी पर भड़कीं मंजू शर्मा, सरकार से पूछे तीखे सवाल
संविधान का पालन क्यों नहीं , चुनाव टालने, OBC रिपोर्ट और वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

जयपुर। पूर्व उपाध्यक्ष विप्र कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष मंजू शर्मा ने प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। मंजू शर्मा ने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच वर्ष में चुनाव होना अनिवार्य है, फिर भी पंचायत चुनाव लगातार टाले जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि आखिर यह देरी किस कारण से हो रही है और जनता को बार-बार इंतजार क्यों कराया जा रहा है।
उन्होंने सरकार के वन स्टेट, वन इलेक्शन के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह वादा किया गया था तो उसे पूरा क्यों नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की तारीखें कई बार आगे बढ़ाई जा चुकी हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती हैं। नए जिलों में परिसीमन के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले परिसीमन के नाम पर देरी की गई और अब जब यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब भी चुनाव कराने में विलंब समझ से परे है। मंजू शर्मा ने वोटर लिस्ट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव पुरानी मतदाता सूची से ही कराने हैं, तो फिर इतने लंबे समय तक देरी क्यों की गई। उन्होंने हाईकोर्ट की फटकार का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में उन्होंने OBC आयोग की रिपोर्ट में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह आयोग और उसकी प्रक्रिया सरकार के अधीन आती है, फिर भी रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसे जानबूझकर रोका जा रहा है या फिर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है। मंजू शर्मा ने कहा कि ये सवाल केवल उनके नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के हैं जो लोकतंत्र में विश्वास रखता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता अब कारण नहीं, बल्कि साफ और ठोस जवाब चाहती है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब सवाल उठते हैं और जवाब नहीं मिलते, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। आज नहीं तो कल, जनता इन सवालों का जवाब लेकर रहेगी,




