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प्यारा भारत देश — डॉ मीरा कनौजिया काव्यांशी

 

हमारा भारत देश महान संस्कृति संस्कारवान है।
हमारे देश भारत का बहुत ही मान सम्मान है, वहां पर अनेक नदियों का सुंदर उद्गम स्थान है, सारी नदियां हिमालय पर्वत से निकलते हैं गंगा जमुना सरस्वती कावेरी।
हमारे देश में नदियों को माता की उपाधि से विभूषित किया जाता है और उनका सम्मान करके नदियों पर पूजा अर्चना एवं पावन पर्वों का हमेशा आयोजन किया जाता है।

नदियां हमारे जहां पर धर्म का एक विशेष स्थान बनती हैं वहीं पर वह हमारे जीवन का एक अनिवार्य अंग भी हैं, क्योंकि वह हमको सार गर्वित शुद्ध पवित्र जल की प्रवाहिनी है ,और नदियां जल प्रदान करके हमारे खेती कृषि का सिंचन करती हैं।
हमें गंगा मैया में पूजा अर्चना करना, लेकिन उनमें ऐसा कोई भी अनावश्यक पदार्थ या वस्तु प्रेषित नहीं करनी है ।जिससे हमारी गंगा माता प्रदूषण युक्त हो जाएं, देखिए माता का रूप चित्र में कितना ही उग्र दिखाया जा रहा है ,क्यों क्योंकि वह हमको बता रही हैं कि हमारा जल स्वच्छ पवित्र पावन रखिए हम आपके लिए ही पावनदायिनी गंगा हैं।

नदियों के पानी को हमें शुद्ध रखना है नदियों में पशुओं को नहलाना नहीं चाहिए। सारी नदियां हमारे लिए उपयोगी हैं यह हमारे जीवन को हमेशा बनाए रखती हैं कृषि को और जल है तो कल है जल के बिना हम सभी का जीवन अधूरा है। जल स्रोत को बनाए रखें। सृष्टि और प्रकृति को प्रदूषण मुक्त रखिए यही इस चित्र आधारित रचना का उद्देश्य है।

डॉ मीरा कनौजिया काव्यांशी

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