साहित्योदय ने रचा विश्व कीर्तिमान, 24 घंटे चला ‘दुर्गायन अखण्ड काव्यार्चन’
नई दिल्ली/ऑनलाइन, 22 मार्च 2026।
अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति न्यास साहित्योदय ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए 24 घंटे लगातार चलने वाले विराट ऑनलाइन कवि सम्मेलन “दुर्गायन अखण्ड काव्यार्चन” का सफल आयोजन कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इस भव्य आयोजन को यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है, जो साहित्योदय का पांचवां विश्व रिकॉर्ड है।
यह अखण्ड काव्य गोष्ठी 21 मार्च 2026 (पूर्वाह्न 11 बजे) से प्रारंभ होकर 22 मार्च 2026 (पूर्वाह्न 11 बजे) तक निरंतर चलती रही। विशेष बात यह रही कि यह आयोजन विश्व कविता दिवस और नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे इसकी आध्यात्मिक और साहित्यिक गरिमा और भी बढ़ गई। देश-विदेश के सैकड़ों कवि-रचनाकार शामिल
इस ऑनलाइन आयोजन में कोलकाता (पश्चिम बंगाल), मुंबई, पुणे, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी सैकड़ों कवि, रचनाकार और कलाकार जुड़े। हर घंटे अलग-अलग संचालकों द्वारा सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 10-11 कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
मंच संचालन और प्रमुख प्रस्तुतियां
कार्यक्रम का मुख्य मंच संचालन सौ. निशा बुधे झा ‘निशामन’ ने किया। सरस्वती वंदना साहित्योदय की कार्यकारी निदेशक किशोरी भूषण ने प्रस्तुत की, जबकि उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. रजनी शर्मा चंदा ने किया। प्रख्यात गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने समापन सत्र में आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि साहित्योदय राष्ट्रचेतना, साहित्य सृजन और जनजागरण में अतुलनीय योगदान दे रहा है। वहीं ओज कवि अजय अंजाम ने दुर्गा स्तवन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। राष्ट्रीय कवि अनित्य नारायण मिश्र ने भी अपनी कविता से सभी का मन मोह लिया। आयोजन का उद्देश्य और विशेषताएं
साहित्योदय के संस्थापक-अध्यक्ष कवि पंकज प्रियम ने बताया कि यह आयोजन माँ दुर्गा के प्रति एक साहित्यिक अनुष्ठान है और वर्ष के अंत में गुवाहाटी में प्रस्तावित माँ कामाख्या दुर्गायन साहित्योत्सव की दिशा में एक संकल्प भी है।
24 घंटे के इस अखण्ड आयोजन में विशेष रूप से रात 1 बजे से सुबह 4 बजे तक का समय चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन पूरे कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। सभी प्रतिभागियों ने निर्धारित समय पर अपनी प्रस्तुति देकर अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया।
आयोजन में राकेश रमण, गणेश दत्त बजाज, किशोरी भूषण, निशा बुधे झा, डॉ. रजनी शर्मा चंदा, बिंदु प्रसाद, अनामिका गुप्ता, सुदेष्ना सामन्त, ममता झा, खुशबू बरनवाल, नंदिता माजी शर्मा, डॉ. प्रियम्बदा मिश्रा, रश्मि पाण्डेय, शोभा पाराशर, नेहा शर्मा, अर्चना झा, कंचना सक्सेना, अनुराधा माथुर, शशि जायसवाल, ज्ञानवती सक्सेना, संजय गुप्ता, डॉ. जयेश नारायण भानु सहित अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व शांति और कल्याण की कामना इस आयोजन के माध्यम से देश-दुनिया में चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच विश्व शांति, युद्ध विराम और मानव कल्याण की कामना की गई।
कार्यक्रम के अंत में साहित्योदय के संस्थापक अध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों, संचालकों, संयोजकों और सहयोगियों को बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।




