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राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

मसाला एवं औषधीय फसलों में ‘बूंद-बूंद सिंचाई’ तकनीक अपनाने पर दिया गया जोर

आलोक अवस्थी। नज़र इंडिया ब्यूरो चीफ

जयपुर। सिंचाई विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा संचालित राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना (वित्त पोषित योजना) के तहत आईएचआईटीसी दुर्गापुरा, जयपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि उद्यान पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दौसा, सवाई माधोपुर, नागौर सहित विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मसाला एवं औषधीय फसलों की खेती में जल बचत तकनीक (ड्रिप इरिगेशन बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति) को अपनाकर उच्च गुणवत्ता वाली फसलों का अधिकतम उत्पादन करना था। साथ ही किसानों को इन फसलों की खेती के प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित करना भी प्रमुख लक्ष्य रहा।

कार्यक्रम के दौरान पीएमसी से अनंगपाल सिंह एवं आईएचआईटीसी से ओम प्रकाश शर्मा (प्रशिक्षण समन्वयक) ने प्रतिभागियों को परियोजना की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।इसके पश्चात आरोग्य कुंज सेवा समिति के सचिव दीपेश शर्मा ने औषधीय पौधों की पहचान और उनके औषधीय गुणों पर विस्तृत जानकारी दी।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर चंद्रकांत शर्मा (उपनिदेशक कृषि) एवं राम किशोर सिंह (कृषि विशेषज्ञ) ने सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया।

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