Uncategorized

कमलेश शर्मा की पुस्तक “एक बार फिर” जीवन की सच्चाइयों से कराती है साक्षात्कार। समीक्षा : सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ द्वारा

 

जयपुर। साहित्य जगत में चर्चित रचनाकार कमलेश शर्मा की नवीन काव्य कृति “एक बार फिर” ने पाठकों के बीच विशेष स्थान बनाया है। पुस्तक की समीक्षा करते हुए कवयित्री सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ ने कहा कि यह संग्रह जीवन के विविध रंगों, संघर्षों, अनुभवों और भावनाओं को अत्यंत संवेदनशीलता से व्यक्त करता है। पुस्तक का आरंभ कागज और कलम के दर्द” से होता है, जो लेखक की अंतर्मन की भावनाओं का सजीव चित्रण करता है। इसमें संकलित कविताएँ जीवन के अनेक पहलुओं संघर्ष, मातृत्व, सत्य, देशभक्ति और आधुनिक समाज की विडंबनाओं को गहराई से छूती हैं।कविताएँ जैसे जिंदगी में चुनौतियां तो बहुत हैं, मैं गृहणी हूँ, “मशीन बनते बच्चे”, “मां का पल्लू”, और “सत्यमेव जयते” न केवल पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती हैं, बल्कि जीवन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण भी प्रदान करती हैं। वहीं “शहीद को सलाम” देशभक्ति का भाव जगाती है और “चंद्रयान-2” विज्ञान व प्रगति की ओर लेखक की सोच को दर्शाती है। पुस्तक का समापन “एक खत” शीर्षक रचना से होता है, जो जीवन की गहराइयों और अनुभवों पर चिंतन के लिए प्रेरित करता है। सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ के अनुसार, “एक बार फिर” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाइयों से साक्षात्कार कराती एक प्रेरणादायक यात्रा है।यह कृति उन सभी पाठकों के लिए पठनीय है जो जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखना और अनुभवों से सीखना चाहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!