विद्याधर नगर में ढाई साल बाद भी अधूरे विकास कार्य, गंदे पानी की समस्या से जनता परेशान : महेंद्र सिंह खेड़ी

जयपुर। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह खेड़ी ने क्षेत्र की विधायक एवं उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी के ढाई वर्ष के कार्यकाल पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर विद्याधर नगर की जनता के सामने है। खेड़ी ने कहा कि विद्याधर नगर विधानसभा के नांगल जैसा बोहरा, चरण नदी, लोहा मंडी, हरमाड़ा, सीकर रोड, निवारू रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को लेकर लंबे समय से काम चल रहा है। कई स्थानों पर पानी की लाइनें बिछाई गईं और टंकियों का निर्माण शुरू हुआ,
लेकिन आज भी अनेक कार्य अधूरे पड़े हैं। इसके कारण क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि सीकर रोड, डेढ़ का बालाजी, मुरलीपुरा स्कीम, दादी का फाटक, निवारू रोड, झोटवाड़ा सहित आसपास की कॉलोनियों में पीने के पानी में सीवेज का पानी आने की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। जनता लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रही है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
महेंद्र सिंह खेड़ी ने आरोप लगाया कि सीवेज और पेयजल से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए टेंडर प्रक्रिया कई बार होने के बावजूद कार्य लंबे समय से शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्र के लोग लगातार इस समस्या के विरोध में आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। खेड़ी ने कहा कि पीने के पानी में सीवेज का पानी मिलना केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। इसके बावजूद यदि वर्षों तक समस्या बनी रहती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ।
बजट घोषणा पर भी उठाए सवाल
महेंद्र सिंह खेड़ी ने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में स्वयं दिया कुमारी ने विधानसभा के पटल पर बजट प्रस्तुत किया था, जिसमें विद्याधर नगर से जुड़े कई विकास कार्यों की घोषणाएं की गई थीं। खातीपुरा से झोटवाड़ा तक मुख्य रिंग रोड से जोड़ने संबंधी कार्य का प्रावधान भी बजट में रखा गया था।
उन्होंने सवाल किया कि जब क्षेत्र की विधायक स्वयं वित्त मंत्री के रूप में अपनी विधानसभा से जुड़े विकास कार्यों को बजट में स्थान देती हैं और बाद में वही कार्य निरस्त हो जाता है, तो यह विद्याधर नगर के प्रति सरकार और विधायक की।प्राथमिकता तथा जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
खेड़ी ने कहा कि कागजों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं और धरातल पर अधूरे काम यही आज विद्याधर नगर की वास्तविक स्थिति बनती जा रही है। विधायक एवं उपमुख्यमंत्री द्वारा विकास के जो दावे किए जाते हैं, उनका जमीनी हकीकत से मिलान किया जाए तो जनता के सामने तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ढाई वर्ष का समय कम नहीं होता। जनता को अब यह जानने का अधिकार है कि बजट में घोषित योजनाओं में से कितनी पूरी हुईं, कितनी अधूरी हैं और कितनी योजनाएं निरस्त कर दी गईं।
महेंद्र सिंह खेड़ी ने कहा कि विद्याधर नगर की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहती है। स्वच्छ पेयजल, सीवरेज व्यवस्था, सड़क, यातायात और मूलभूत सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। यदि इन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है तो सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि “जो बातें और दावे विद्याधर नगर की जनता के सामने किए जाते हैं, उनका धरातल पर परिणाम दिखाई नहीं देता। जनता के लिए दावे और घोषणाएं नहीं, बल्कि वास्तविक काम मायने रखता है। महेंद्र सिंह खेड़ी ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनता से अपील करते हुए कहा कि इस चुनाव में जनता विकास, जवाबदेही और अपने मूलभूत अधिकारों के मुद्दे पर अपना फैसला करे।




