संसद में पहली बार किसी साँसद अग्रवाल ने निजी सचिवों की की पैरवी,रखी मांग,संसद में पहली बार ऐसा हुआ

- डाॅ.चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार। नज़र इंडिया 24
जयपुर। भीलवाडा साँसद दामोदर अग्रवाल ने नई दिल्ली मे संसद सदस्यों के वेतन तथा भत्तों संबंधी संयुक्त समिति की बैठक मे सहभागिता की । अग्रवाल संसद में पहली बार निजी सचिवों की की मांग की आवाज उठाई।
साँसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने बताया कि बैठक मे साँसद अग्रवाल ने सांसदों के पीए/पीएस व उनके परिवार को सी.जी.एच.एस सुविधाओं देने संबंधी विषय को रखा । साँसद अग्रवाल ने बताया कि लोक सभा के सदस्य बनने के बाद मेरे ध्यान मे आया कि सांसदों के पीए/पीएस के कार्य का समय, मात्रा और श्रेणी परिभाषित न होने के कारण ज्यादातर पीए/पीएस का कार्य करने वाले लोगो की दिनचर्या और खानपान की मात्रा और गुणवत्ता मे बहुत सारी विसंगति होने के कारण उन्हे बहुत सी बिमारी लगी रहती है लेकिन संसद सचिवालय से मिलने वाला उनका पारिश्रमिक कम होने के कारण वो अपना और अपने परिजनों का ईलाज सही समय पर सही जगह पर करवा नही पाते, जिससे बिमारी खत्म होने की बजाए बढ़ जाती है, समय और धन दोनो ही का आभाव पीए/पीएस के जीवन मे परेशानियां भर देता है । अतः जब तक कोई पीए/पीएस किसी सांसद को अपनी सेवाएं दे रहा है तब तक सचिवालय द्वारा उसे सपरिवार सी.जी.एच.एस. सेवा प्रदान की जाए ।
वर्तमान मे लोक सभा व राज्य सभा सचिवालय सभी संसदीय कमेटियों के दो व्यक्तिगत स्टाफ को तथा केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय मंत्रियों को मिलने वाले ओपन मार्केट से नियुक्त फॅर्माल स्टाफ को, को-टर्मीनस बेसिस पर सी.जी.एच.एस. फैसिलिटी मिलती है ।
साँसद अग्रवाल के इस प्रस्ताव का समिति के सभी सदस्यों ने ध्वनि मत से समर्थन किया और कमेटी के अध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार बैश्य ने इस प्रस्ताव पर अगली बैठक के एजेंडे में लेकर विचार करने का आश्वासन दिया ।




