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लघुकथा : आख़िरी पन्ना कथाकार : राजेश कुमार ‘राज’
आज रविवार का दिन था। अनिकेत आज अपनी बुक शैल्फ को साफ कर रहा था। अनायास ही उसका हाथ…
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मेरा प्रेरणा दायक व्यक्तित्व — पालजीभाई वी राठोड़ ‘प्रेम’ (सुरेंद्रनगर- गुजरात)
जीवन में माता पिता भाई बहन मित्रों सह कर्मियों गुरुजनों सहित अनेक प्रेरणादायक व्यक्तित्व होते हैं।लेकिन कोई कोई प्रेरणादायक…
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गोरा रंग — – नरेश चन्द्र उनियाल, “कमली कुंज”
लघुकथा बहुत खूबसूर थी वह, बिल्कुल गोरी-चिट्टी, खूबसूरत नैन नक्श। उसका नाम दिव्यांशी था। वह तब 25 की थी जब…
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पतंगबाजी — रमेश शर्मा
चौदह जनवरी मकरसंक्रांति को पूरे देश में उत्सव के रूप में मनाया जाता है। लोग पवित्र नदी/कुंड में स्नान…
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राजस्थानी भाषा री सुरसत वंदना ) — सत्येन्द्र मण्डेला
घरां धराणी बण माताजी,गीतां घड़ो हिलाओ नी। मति की मथणी सूं मन मथकर,मोळी छाछ पिलाओ नी। तन का बलोवणा…
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कर्मवीरा — ललिता भोला सिंह — नरेश चन्द्र उनियाल,
दिनाँक 07 दिसम्बर सन् 2025 को भोलानाथ साहित्य एवं समाजसेवी संस्था, जयपुर, राजस्थान द्वारा मुझे कवि सम्मेलन में शामिल…
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साहित्य की जिम्मेदारी — कविता साव पश्चिम बंगाल
साहित्य को केवल सौंदर्य की वस्तु या भावनात्मक पलायन का साधन मानना उसकी सामाजिक भूमिका को सीमित करना है।…
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साहित्य संगम मंच की प्रथम मासिक ई–गोष्ठी सम्पन्न भाव, संवेदना और सृजनात्मक अभिव्यक्ति से सजी साहित्यिक संध्या
जयपुर | जनवरी 2026 साहित्य संगम मंच की प्रथम मासिक ई–गोष्ठी जनवरी 2026 में अत्यंत गरिमामय, भावपूर्ण एवं सृजनात्मक…
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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : आस्था, अस्मिता और राष्ट्रबोध का महोत्सव — रुचि रानी गुप्ता चंदलाई जयपुर
सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, यह भारत की आत्मा, अस्मिता और अडिग स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व…
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अकेलापन संसार में सबसे बड़ी सजा है — नीलम सोनी फॉर्म ब्यावर राजस्थान
अकेलापन इंसान को अन्दर ही खोखला कर देता है।बाहर से जितना शांत दिखता इंसान उतना अन्दर से उसके अन्दर…
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