बैंक कर्मियों ने ग्राहकों की खाते बेच दिए, 500 करोड़ की साइबर ठगी
एक्सिस बैंक के 4 कर्मचारी सहित 6 गिरफ्तार

डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार। नजर इंडिया 24
जयपुर। आमजन और व्यापारी बैंकों में खाता खोल कर लेनदेन करने में अपने आपको सुरक्षित समझता है लेकिन अगर इन्हीं बैंको के कर्मचारी अपने ही ग्राहकों के खातों को बेच कर घोटाला करने लग जाए तो फिर किस पर विश्वास किया जा सकता है। राजस्थान के अलवर जिले की वैशाली नगर पुलिस थाने की टीम ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो साइबर ठगों के साथ मिलकर ग्राहकों के खाते बेच लगभग 500 करोड रुपए की ठगी की है। पुलिस ने एक्सिस बैंक के चार कर्मचारी से 6 जनों को विस्तार किया है जबकि इस गिरोह के मुख्य सरगनाओ की तलाश की जा रही है जिनकी गिरफ्तारी से और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
एसपी सुधीर चौधरी ने यह जानकारी देते हुए बताया की जिले में चल रहे ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत अलवर पुलिस ने एक सनसनीखेज साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें बैंककर्मियों की सीधे तौर पर मिलीभगत सामने आई है। यह संगठित गिरोह सैकड़ों करंट(चालू)/कॉर्पोरेट खातों (म्यूल अकाउंट्स) को ऊंचे कमीशन पर साइबर अपराधियों को बेच रहा था, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया गया।
एसपी चौधरी ने बताया कि थाना वैशाली नगर की टीम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए इस मामले में 4 बैंक कर्मियों और 1 मास्टरमाइंड सहित 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 16 हो गई है।
*500 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन*
पुलिस जांच में पता चला है कि इन म्यूल अकाउंट्स में 500 करोड़ रुपये से अधिक के स्कैम फंड का लेन-देन हुआ है। इन खातों के खिलाफ अकेले एनसीआरपी पोर्टल पर 4,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं।
अभी इनको किया गिरफ्तार
गिरफ्तार हुए 6 नए आरोपियों में मास्टरमाइंड वरूण पटवा (40) निवासी हिरणमगरी उदयपुर हाल गुरुग्राम, हरियाणा व सतीश कुमार जाट (35) निवासी उकलाना जिला हिसार हरियाणा है। चारों बैंककर्मी एक्सिस बैंक हिसार में कार्यरत है, जिनमे साहिल अग्रवाल (33) व गुलशन पंजाबी (33) निवासी नरवाल जिला जींद सेल्स मैनेजर, आसु शर्मा (23) निवासी खेड़ाचोपड़ा हिसार मर्चेंट इंक्वारी बिजनेस (MIB) और आंचल जाट (24) निवासी उकलाना हिसार सेल्स ऑफिसर है।
ऐसे काम करता था यह नेटवर्क
बैंक कर्मी ग्राहकों को कमीशन देकर, फर्जी फर्मों के नाम, पते और टर्नओवर के आधार पर करंट अकाउंट खुलवाते थे। ये अकाउंट्स मास्टर माइंड और दलाल द्वारा व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप्स में साइबर ठगों को बेचे जाते थे।आरोपी बैंक से लिंक मोबाइल नंबर को दूसरे फोन में डालकर, APK फाइल इंस्टॉल करवाकर, ठगों को ओटीपी और इंटरनेट बैंकिंग का सीधा एक्सेस दे देते थे। इन खातों का उपयोग बेटिंग, गेमिंग फ्रॉड और क्रिप्टो एक्सचेंजों (जैसे Binance) के माध्यम से बड़ी मात्रा में ठगी की रकम निकालने के लिए किया जाता था।
चौंकाने वाली बरामदगी
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ₹2.51 लाख नकद जब्त किए हैं और लगभग ₹5 लाख की अपराध राशि 10 खातों में फ्रीज करवाई है। इसके अलावा 26 एटीएम कार्ड, 33 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड, 12 चेक बुक, 06 बैंक पासबुक, 12 हस्ताक्षरयुक्त चेक, एक-एक आधार व पैन कार्ड, दो पहचान पत्र, तीन आरसी, मोहर, रसीद बुक और दो कारें भी जब्त की गई हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम मामले की गहनता से जाँच कर रही है, ताकि इस पूरे रैकेट के सरगना और बचे हुए अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके।



