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वर्तमान समय में शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता –भूमिका शर्मा

 

मन करता है
अभिनंदन
शिक्षा के गुरू का
वंदन
शिक्षक और विद्यार्थी का है अटूट रिश्ता।अक्षर जीवन का है ज्ञान-दीप।जीवन को रोशनदान करके आनन्दित करते है।
जीवन की राह को सुकूनता देते है शिक्षक।उनका ज्ञान केवल जानकारी नहीं है,जीवन के हर पहलू का हिस्सा है।अनुभवशील है शिक्षक।
जीवन की वास्तविकता सिखाता है शिक्षक। सत्यता के दर्शन कराता है शिक्षक।निष्काम कर्म तथा त्याग से त्याग से लोभ तथा स्वार्थ समाप्त होते है।यह शिक्षा देते है शिक्षक।
खुशहाल जीवन का आधार है शिक्षक। विद्या की बहती धार है शिक्षक। साहसी और कर्तव्यनिष्ठ बनाते है शिक्षक। विद्यालय में विद्यार्थी को अनमोल जीवन की राह दिखाता है वह है शिक्षक।
उद्धारकर्ता का रुप है शिक्षक। जीवन को रोशनदान करते है।प्रसन्नता की राह दिखाते है जीवन में शिक्षक। सफलता की खोज की राह शिक्षक के हाथ में है।बनाते जो कुशाग्र बुद्धि वह है शिक्षक। विचारों की राह में हमारे जीवन स्तर उन्नत करते है वह है शिक्षक।
आशा,उत्साह,उम्मीद की दुनिया,वह है हमारी नैया के खिवैया।शिष्टता,सभ्यता का पाठ पढ़ाते है शिक्षक। शिक्षक देते है हमे शक्ति और एकता का रास्ता।
सकारात्मकता का रास्ता बताते हैं,वह है शिक्षक। जीवन की डगर को ले जाते है कठिनाई से सरलता की ओर।
जीवन त्याग तथा सेवा से ओतप्रोत है।अनुशासन को बनाता है शिक्षक। विद्यालय में विद्यार्थी सीखते है महान विचारक के गुण। निष्काम सेवा-भाव से विभोर है।
सुख-दुख में समता बनी रहे जीवन में।शिक्षक स्वयं के साथ जागरूकता उत्पन्न कराता है।ज्ञान के द्वार खोलकर कुछ पाने की उम्मीद जगाते है।देते है जीवन में मनमोहक सफलता।
गुरु की महिमा,
जीवन का है करिष्मा।

-भूमिका शर्मा
शिक्षिका और लेखिका
ग्वालियर (मध्यप्रदेश)

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