यूजीसी का नया कानून शिक्षा जगत के भविष्य के लिए घातक : विश्व सनातन संघ
लोकतांत्रिक तरीके से होगा निर्णायक संघर्ष, प्रदेशभर में आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन

जयपुर। विश्व सनातन संघ ने यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नए कानून को शिक्षकों, छात्रों और शिक्षा संस्थानों के भविष्य के लिए घातक बताते हुए इसे किसी भी कीमत पर लागू न होने देने का संकल्प लिया है। संघ का कहना है कि यह कानून शिक्षा की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और छात्रों के अधिकारों पर सीधा हमला है। विश्व सनातन संघ के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन इन दिनों प्रदेशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र, अभिभावक और समाज के प्रबुद्धजन इस आंदोलन का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रभान शर्मा ने कहा कि यूजीसी का यह नया कानून शिक्षा व्यवस्था को व्यवसायिक सोच के हवाले करने की साजिश है, जिससे न केवल शिक्षकों की गरिमा और अधिकार प्रभावित होंगे, बल्कि छात्रों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विश्व सनातन संघ लोकतांत्रिक तरीके से, लेकिन पूरी दृढ़ता और निर्णायक संघर्ष के साथ इस काले कानून का विरोध करेगा। संघ के संरक्षक विष्णु दास नाग ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है और यदि शिक्षा व्यवस्था कमजोर की गई, तो देश का भविष्य भी कमजोर होगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। वहीं राष्ट्रीय महासचिव सचिव डॉ. राकेश बशिष्ठ ने कहा कि यह कानून शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को समाप्त करने वाला है। इससे नीतिगत फैसले शिक्षाविदों के बजाय नौकरशाही के हाथों में चले जाएंगे, जो शिक्षा की गुणवत्ता के लिए घातक सिद्ध होगा। संघ के राष्ट्रीय सलाहकार जे. पी. शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। देशभर में इसे लेकर जनमत तैयार किया जा रहा है और आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा। विश्व सनातन संघ ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया, तो भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।




