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अंखणड सौभाग्य का महापर्व पर स्वयंसिद्धा मंच की काव्य संध्या।

 

स्वयं सिद्धा साहित्यिक संस्थान, जयपुर, राजस्थान ने अखंड सौभाग्य के महापर्व करवा चौथ 2025 के उपलक्ष्य में ऑनलाइन काव्य संध्या आयोजित की। इस कार्यक्रम में सरस्वती वंदना अर्चना ने की और संचालन संस्थान की अहम कड़ी ज्ञानवती ने किया। ज्ञानवती अपने स्वयं सिद्ध साहित्य मंच पर बहुत सुंदर कार्यक्रम आयोजित करवाती हैं, जो सोमवार और शुक्रवार को शाम 4 बजे आता है।

आज का करवा चौथ स्पेशल रहा। सभी सजी-संवरी होकर करवा चौथ पर काव्य पाठ किया। प्रो. कुसुम शर्मा ने मंगल गीत गाया – “गाओ, गाओ रे मंगल गीत”। डॉ. रेखा गुप्ता ने “तुम्हारी खुशबू से महके”, ज्योत्सना सक्सेना ने “सुख सौंदर्य से ओत-प्रोत”, अर्चना माथुर ने “करवा चौथ का चांद बड़ा अलबेला है”, सुनिता त्रिपाठी ने “गगन है तू ओ प्रियतम मोरे”, अनुराधा माथुर ने “सुहाग ले हाथ आज करवा करे”, वर्षा गुप्ता ने “तेरे दीदार की खातिर आज चांद से” और अंत में ज्ञानवती सक्सेना ने सुंदर काव्य पाठ किया – “दर्पण भी मुझे पास बुलाए, मंद-मंद मुस्काए, नदिया सागर में मिल जाए, नेह निमंत्रण पाकर”।
सुंदर काव्य पाठ के साथ सभी ने करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं।

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