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जयपुर से शुरू हुआ ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’, राष्ट्रव्यापी गौ सेवा आंदोलन की रूपरेखा तय

राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने हेतु ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का आगाज़

 

जयपुर, 12 नवंबर। वैशाली नगर के राठोडऩगर में बुधवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान का शुभारंभ हुआ। इसमें देशभर से आए संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौमाता और नंदी बाबा के सानिध्य में संचालित होगा। सम्मेलन में उपस्थित संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो।
*छह माह लगातार गौ संकीर्तन:*
अभियान से जुड़ी कार्ययोजना के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल में प्रत्येक तहसील और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो जुलाई और अक्टूबर 2026 में पुन: चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। इसके बाद 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से आए संत और गोभक्त देश की राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से आह्वान करेंगे। यह संकीर्तन छह माह यानी 15 अगस्त 2027 तक चलेगा।

राजनीतिक स्वरूप में होगा अभियान:

भारतीय गौ क्रांति मंच के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने बताया कि अभियान पूरी तरह अहिंसक रहेगा, इसमें किसी प्रकार का भाषण, मंचीय उद्घोषणा या राजनीतिक स्वरूप नहीं होगा। कोई भी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया जाएगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गौमाता का चित्र होगा। आयोजन समिति ने देश के सभी गोप्रेमियों से इस पवित्र और निष्काम आंदोलन से जुडऩे की अपील की है। संपर्क के इच्छुक व्यक्तियों अपने विवरण निर्धारित व्हाट्सएप नंबर पर भेजने का आह्वान किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान कमल दीदी, देवकीनंदन पुरोहित , गौ सांसद आशीष मीणा ,सुजाता शर्मा बड़ी संख्या में गौ सेवक उपस्थित रहे ।

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