बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर विश्व सनातन संघ का तीखा आक्रोश, कड़ी चेतावनी जारी

जयपुर। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार अत्याचार, मंदिरों में तोड़फोड़, धार्मिक उत्पीड़न और भय के माहौल को लेकर विश्व सनातन संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। इस विषय पर संघ के संरक्षक विष्णु दास जी महाराज नाग, राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रभान शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव राकेश वशिष्ठ एवं राष्ट्रीय सलाहकार जे. पी. शर्मा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए बांग्लादेश सरकार को कड़ी चेतावनी दी है तथा भारत सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है। संघ के नेतृत्व ने कहा कि भारत ने सदैव भाईचारे, सद्भाव और पड़ोसी धर्म का पालन करते हुए बांग्लादेश के साथ सम्मानजनक संबंध निभाए हैं, किंतु इसके विपरीत बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को लगातार निशाना बनाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय और निंदनीय है। संरक्षक विष्णु दास जी महाराज नागा ने कड़े शब्दों में कहा कि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अब सहन की सीमा से बाहर हैं। बांग्लादेश सरकार तुरंत स्थिति पर नियंत्रण करे, अन्यथा यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के प्रति कोई संवेदनशीलता नहीं है। भारत की सहिष्णुता को कमजोरी समझना भारी भूल होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रभान शर्मा ने कहा कि विश्व सनातन संघ बांग्लादेश सरकार को आगाह करता है कि वह हिंदू अल्पसंख्यकों की जान, धर्मस्थलों और सम्मान की सुरक्षा की ठोस गारंटी दे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो भारत सरकार को कड़े कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव राकेश वशिष्ठ ने कहा कि भाईचारे की बातें तभी सार्थक हैं, जब हर समुदाय सुरक्षित हो। एकतरफा अत्याचार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है, जिस पर विश्व समुदाय को भी संज्ञान लेना चाहिए। राष्ट्रीय सलाहकार जे पी शर्मा ने केंद्र सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाया जाए और द्विपक्षीय संबंधों में इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। विश्व सनातन संघ ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हालात शीघ्र नहीं सुधरे, तो संगठन देशभर में संवैधानिक दायरे में जनजागरण और आंदोलन करेगा तथा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की जाएगी।




