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विश्व कविता दिवस पर सम्पर्क साहित्य संस्थान ने सजाई ‘काव्य सुरभि’ – शब्दों से महका फोर्टिस सभागार

सम्पर्क साहित्य संस्थान की 'काव्य सुरभि'-कविता और स्वास्थ्य जागरूकता का अनूठा संगम

सुनीता त्रिपाठी अजय। नजर इंडिया 24 ब्यूरो चीफ

जयपुर, 23 मार्च 2026 विश्व कविता दिवस के पावन अवसर पर सम्पर्क साहित्य संस्थान एवं फोर्टिस हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में “काव्य सुरभि -शब्दों का उत्सव’ का भव्य आयोजन फोर्टिस हॉस्पिटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में दीप प्रज्जवलन के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम का सफल संयोजन संस्थान की महासचिव एवं समन्वयक रेनू ‘शब्दमुखर’ द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में शिल्पायन संस्थान की अध्यक्ष लक्ष्मी अशोक जी रहीं, जिनका प्रेरणादायी संदेश सभी के लिए उत्साहवर्धक रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार फारूक
आफरीदी जी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कविता को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि “कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि संवेदनाओं का सजीव स्वरूप है, जो समय और समाज को दिशा देने की क्षमता रखता है।” साथ ही उन्होंने नारी विषयक अपनी प्रभावशाली कविता से उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया।
इससे पूर्व रेनू शब्द मुखर ने स्वागत वक्तव्य में सभी
अतिथियों का स्वागत करते हुए संपर्क साहित्य संस्थान की सफल यात्रा कोउल्लेखित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि में विजय शर्मा जी (निदेशक, कलानेरी), ने अपना गाना सुना कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया वहीं वरिष्ठ साहित्यकार  नूतन गुप्ता जी अपनी छोटी-छोटी क्षणिका सुनाकर कर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। एवं डॉ. अरुण परतानी डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी,ने घुटनों से संबंधित समस्याओं पर सरल एवं उपयोगी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि सही जीवनशैली और समय पर उपचार से घुटनों की समस्याओं से बचाव संभव है। इस प्रकार कार्यक्रम में कविता के साथ-साथ स्वास्थ्य पर सार्थक चर्चा भी हुई, जिससे यह आयोजन केवल साहित्यिक ही नहीं, बल्कि जन-हितकारी भी बन गया। काव्य संध्या में विभिन्न रचनाकारों ने अपनी सशक्त एवं भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों की रचनाओं ने जहाँ एक ओर जोश और उत्साह का संचार किया, वहीं दूसरी ओर श्रोताओं को आनंद और भावनात्मक संतुष्टि से भर दिया।
काव्य पाठ करने वाले प्रमुख रचनाकारों में विजय लक्ष्मी जांगिड़ ,हर्षवर्धन पांडेय, रेनू शब्दमुखर,
सुनिता त्रिपाठी, डॉ.नीलम कालरा, हिमाद्री ‘समर्थ’, संजय अरोड़ा, आशा बुनकर, एन.एल. शर्मा,डॉ.दीपक कपूर,भीमेश कुमार अरोड़ा, नेहा खत्री, निरुपमा चतुर्वेदी, अविनाश जोशी, रोहित कृष्णनंदन, सलोनी क्षितिज,विपुल भारद्वाज, माला रोहित कृष्णनंदन,राहुल अरोड़ा डॉ.नवल किशोर दुबे एवं डॉ.दीपाली वार्ष्णेय अग्रवाल शामिल रहे।

मंच संचालन सलोनी क्षितिज रस्तोगी ने अत्यंत सजीव एवं प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा और आकर्षण बना रहा। कार्यक्रम में अविनाश शर्मा, अवार ग्रुप के ऑनर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता शिव कुमार, तुषार शर्मा जी, मित्सु चौधरी जी,एडवोकेट (राजस्थान उच्च न्यायालय)
राहुल अरोड़ा (राजस्थान पुलिस)सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
अंत में सभी अतिथियों एवं सहभागियों सचिव विजया लक्ष्मी ने आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन इस संदेश के साथ सम्पन्न हुआ कि “जहाँ कविता मन को संवेदनशील बनाती है, वहीं स्वस्थ शरीर जीवन को संतुलित और सुंदर बनाता है।” रेनू शब्दमुखर

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